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Sunday, September 4, 2011

छाता ले लो बारिश हो रही है।

बारिश से जुड़ी जादू की ताज़ा बातें।

 

1. अभी अभी मौसी से बातें हो रही थीं फोन पर।

मौसी ने कविता सुनाने को कहा।

जादू बोले--'मतनी (मछली) जल की रानी है। जीवन उशका पानी है।'

तभी बारिश शुरू हो गयी।

कविता बंद और जादू फटाक से बोले--'छाता ले लो बारिश हो रही है'।

 

2. कल बारिश हो रही थी। जादू खिड़की पर पहुंचे और बोले--ऐ बारिश।

पानी पी लेना। भीगना मत। चलो जाओ। मम्‍मा बुला रही है।

 

 

3. पापा कहीं बाहर गए थे। बारिश हो रही थी। जादू खिड़की पर लाकर बोले--

'पापा जल्‍दी आना। भीगना मत। ठीक है। ओके। सुना।'

जादू को लगता है कि खिड़की पर खड़े होकर बोलने से सब सुन लेते हैं।

3 comments:

रंजन (Ranjan) said...

जादू कि मीठी मीठी बाते....

अब आकाशवाणी का जादू स्टेशन शुरू किया जाये... कुछ बातें कि रिकोर्डिंग कर श्रोताओं को सुनवाया जाए....

yunus said...

बिल्‍कुल रंजन भाई। शुरू करते हैं। सिर्फ आलस की वजह से नहीं हो रहा। काफी रिकॉर्डिंग की हुई है।

"रुनझुन" said...

प्यारे से जादू की प्यारी-प्यारी बातें... कितनी मीठी-मीठी....

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