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Tuesday, September 6, 2011

ये जादू-वाणी है

अकसर पापा जादू की आवाज़ रिकॉर्ड करते हैं।
पर रंजन अंकल की फ़रमाईश पर जादू-वाणी की पहली पोस्‍ट।
इसके बाद किसी दिन 'जादू-दर्शन' भी आयेगा।

'जादू वाणी' की पहली पोस्‍ट में जादू कुछ कविताएं सुना रहे हैं।

'बबलू हाथी राजा लाए', 'जॉनी जॉनी', 'धोबी आया', 'लकड़ी की काठी' 
'मछली जल की रानी है'  'नानी तेरी मोरनी' वग़ैरह।
 

 

10 comments:

Archana said...

अहा अहा ! इस आवाज पर कौन न मर जाए ....
हाथी लाला...थम्बो ..मतेनी दल की नानी ......हा....लगाओ तो पपा???.....
धोनी-धोनी ....हा हा हा.....धोबी ...कापाड़े..॒३!*ऽऽ‍%॒॑९ केल-केल धोती .॓%॑(*ऽ॒‍...बछ ....(वाह! क्या स्पीड है-मरजाँवां..)...........
लतली ति काति...देड़े ति दुम.. ड्ड्ड्ड्ड्ड्ड्ड्ड्ड्ड...........
नानी ..छोल दे !!!
हा हा हा बहुत सुन्दर ---बिलकुल जादू-वाणी गहरे तक असरदार ...
आभार ...

सागर नाहर said...

अरे बाप रे...
दादू जी ने तो कमाल कर दिया! सुबह सुबह जोरदार हंसी आ गई। इतनी स्पीड में काव्य-पाठ किया है कि आधी कविता ही समझ में आई।
पॉडकास्टर जादू जी को उनकी पहली पोस्ट के लिए बधाई।

"रुनझुन" said...

How Sweet!!!....जादू जी की जादू भरी आवाज़ में ज़बरदस्त जादू हो गया....!!!!

Kalpana said...

नन्हे शिशु का प्यारा शैशव... जादू भरी तोतली बोली...
आहा! अनोखा-अद्भुत है ये बचपन को यूँ करना संचित...

"डॉक्टर मामा" said...

मम्मी-पापा की आवाज़ तो कुछ भी नहीं है तुम्हारी आवाज़ के आगे !
अब जल्दी से एक कार्यक्रम बच्चों के लिये भी शुरू करो
विविध भारती पर
और उसकी कमान सँभाल लो
अभी से !!
(सुपरहिट जायेगा;देख लेना)

"डॉक्टर मामा" said...

औल हाँ; जाजू !

इच्ची जल्जी इच्ची छाली पोयम कहाँ छे औल कैछे छीकी, याल ?

Pankhuri said...

जादू तुम भी विविधभारती पर आओगे क्या?

yunus said...

सभी का शुक्रिया। डॉक्‍टर मामा जे शब मेरी मम्‍मा ने छिकाया है। और मेली तीतल जी ने।

रंजन (Ranjan) said...

वाह ही वाह... धन्य हो गए...

छा गए प्यारे...

रंजन (Ranjan) said...

वाह ही वाह... धन्य हो गए...

छा गए प्यारे...

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