जादू की पुड़‍िया में आपका स्‍वागत है। चूंकि यहां जादू के बारे में ख़बरें 'कभी-भी' और 'कितनी भी' आ सकती हैं। और हो सकता है कि आप बार-बार ब्‍लॉग पर ना आ सकें। ऐसे में जादू की ख़बरें हासिल करने के लिए ई-मेल सदस्‍यता की मदद लें। ताकि 'बुलेटिन' मेल-बॉक्‍स पर ही आप तक पहुंच सके।

Thursday, January 20, 2011

मोज़े या पैज़ामा

जादू को एक नया आयडिया आया।

उसने अपना पैज़ामा उतार दिया और

पता नहीं कहां से पापा के मोज़े निकाले।

उन्हें पहनने की कोशिश में वो हो गए उल्टे।

फिर किसी तरह पैरों में चढ़ाने में कामयाबी हासिल कर ली।

चुपके से ली गयी फोटो में देखिए।
IMG_8578

चलो कूदें

अभी-अभी जादू कुर्सी पर खड़े हो गए
और शुरू दी गिनती-

'मन (वन), टू, टा (थ्री)
तब तक मम्‍मा की समझ में आ गया

कि जादू जम्‍प मारने वाले हैं।

और उन्‍होंने पकड़ लिया।

वरना आज जादू कुर्सी के ऊपर से छलांग मर लेते।
IMG_8576

भीग गए

अभी अभी जादू नहाकर एकदम तैयार होकर खेलने निकले।

किचन में एक भगोने में पानी रखा था।

जादू जी ने उस पानी को अपने ऊपर गिरा लिया।

भीग गए। ठंड लगी।

सोचा इससे पहले कि डांट पड़े....रोने लग जाओ।

कपड़े बदलकर फिर से जादू जी को राजा-बेटा बना दिया गया है।

इस पानी से फिसलकर मम्‍मा भी गिरते गिरते बचीं।

ख़ुराफ़ात

जादू ने अभी-अभी अपने एक पैर में
अपने एक टॉनिक का डिब्‍बा जूते की तरह पहन लिया।
और चलने की कोशिश करने लगा।

मम्‍मा ने देख लिया।

और समझाकर मना किया।

IMG_8573

नाक पर ख़रोंच

 
कल रात बजरी पर गिरने से जादू की नाक में ख़रोंच आ गयी है।

1
लेकिन जादू की मस्‍ती कायम है।

आज सबेरे पापा के साथ टहलते हुए जादू ने बिल्लियों को दौड़ाया।

कौओं और कबूतरों के पीछे भागा।

डॉगी को 'भूं भूं' किया।

और फुटबॉल भी खेला।

तस्‍वीर में जादू अपना 'पियानो' बजाते हुए।

IMG_8575

Wednesday, January 19, 2011

गिर पड़े

जादू जी पापा के साथ घूमने गए थे।

हाथ छुड़ाकर भागे ही थे कि बजरी पर पैर पड़ा

और फिसल गए।

नाक और गाल पर ख़रोंच आई है।

पर जादू जी पूरे रंग में हैं।

अब सो चुके हैं।

ये 'आटा' क्या होता है

जादू ने रसोई में जाकर आटे का कनस्‍तर खो‍ल लिया।

हाथ में आटा लगाया।

फिर उसे चखा।

ख़राब लगा।

तो उसे चेहरे पर पोत लिया।

मम्‍मा 'सामन' (साबुन) से जादू का हाथ मुंह धुलवा रही हैं।

मुरमुरे

img1100517019_1_1जादू को हर चीज़ चम्‍मच से खाने का शौक़ चढ़ा है।

इसलिए मम्‍मा ने मुरमुरे (लाई) भून कर दिए।
ताकि जादू देर तक चम्‍मच से खाता रहे।

एकाध दाना मुंह में जाता था और बाक़ी बिखर जाते थे।

पूरे हॉल में मुरमुरे बिखरे हैं।

और मम्‍मा साफ़ कर रही हैं।

ब्‍लैक-डॉगी

मम्‍मा ऑफिस से लौटीं तो जादू उन्‍हें घुमाने ले गया।
मम्‍मा ने घर लौटना चाहा तो 'जादू' उन्‍हें खींचकर 'पेप्‍सी ग्राउंड' ले गया।

और 'कौए' ढूंढने लगा।

पेप्‍सी ग्राउंड में कौए और कबूतर सुबह सुबह आते हैं।
फिर एक ब्‍लैक-डॉगी के पीछे 'जादू' बीच सड़क पर भागा।

मम्‍मा उसे गोद में लेकर मुश्किल से घर लाईं।

 

मटर

आज मटर-पुलाव बन रहा है।

जादू ने ढेर सारे मटर छीले हैं।

कुछ पापा को खिलाए

और बाक़ी ज्‍यादातर यहां-वहां बिखेर दिये हैं।

जादू कुछ भी कर सकता है।

IMG_8572