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Monday, December 2, 2013

जादू बुलेटिन: पापा आमिर अंकल की बाइक उड़ सकती है तो आपकी क्‍यों नहीं।

आज जादू पापा के साथ वेजीटेबल लेने गये।

'जादू की पुडिया' पर जादू के पापा आपको बता रहे हैं जादू की ताज़ा बातें। यानी ये है जादू की बातों का ताज़ा बुलेटिन।

जादू जी आजकल टीवी पर धूम-3 का ट्रेलर देखते रहते हैं।
इस ट्रेलर से जादू जी के मन में दो सवाल उठे हैं। एक तो ये कि आमिर अंकल बिल्डिंग की वॉल पर कैसे चल लेते हैं। और दूसरा सवाल ये है--'पापा आमिर अंकल की बाइक तो उड़ सकती है ना। तो फिर आपकी बाइक क्‍यों नहीं उड़ती'। पापा ने किसी तरह दोनों सवालों के जवाब दे ही दिये हैं। और ख़बरदार कर दिया है...वो ऐसी कोई कोशिश कभी ना करें।
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आज जादू और पापा वेजीटेबल लेने गये। जादू ने पापा से कहा...पापा carrot ज़रूर ले लीजिएगा। फिर जादू ने पूछा--'पापा white कलर की भी कैरट होती है।' पापा को समझ नहीं आया कि मामला क्या है। दरअसल जादू जी मूली को सफेद गाजर कह रहे थे।
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एक दिन जादू अपने आप से बातें कर रहे थे और उनका डायलॉग था ये।
'जो खाना चाहिए वो मैं नहीं खाता हूं। जो नहीं खाना चाहिए--वो भी मैं नहीं खाता हूं'। 

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कल जादू पापा के साथ कहीं बाज़ार जा रहा था।
पापा को गाड़ी ड्राइव करते देखकर जादू ने कहा--'पापा जब मैं बड़ा हो जाऊंगा ना तो आपकी कार मैं ले लूंगा। आपकी बाइक भी मैं ले लूंगा। मैं ड्राइव करूंगा। फिर आप अपने लिए रेड, मरून, ब्‍लू, ब्‍लैक... जो मरज़ी आये गाड़ी ले लेना। ये ठीक रहेगा ना पापा।

......... पापा मुस्‍कुरा दिये।

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जादू को इन दिनों ड्राइविंग का शौक़ लगा है। कार से कहीं जाएं या बाइक से-- जादू ध्‍यान से देखता है कि कहां से क्‍या किया जाता है। वो कहता है कि उसकी सायकिल पापा की गाडियों से भी ज्‍यादा फास्‍ट है। आजकल जादू बाक़ायदा अपनी सायकिल को पार्क करते हैं। यानी पहले आगे ले जाकर फिर रिवर्स करते हैं। और फिर पापा से पूछते हैं-- पापा सीधी/ स्‍ट्रेट लगायी ना। देखा मुझे सायकिल पार्क करते आ गयी।
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जादू ने पापा से कुछ गाने डाउनलोड करवाएं हैं।
जादू नये और पुराने दोनों तरह के गाने सुनते हैं। अमूमन दिन में जादू नये गाने सुनते हैं। और रात को सोते वक्‍त पुराने पर बच्‍चों वाले गाने।
जैसे-- 'चलो चलें मां सपनों के गांव में'। 'रेलगाड़ी'। 'लकड़ी की काठी' वग़ैरह। 

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सुबह सुबह दोसा खाते हुए जादू बोले--पापा केक वाली, आइसक्रीम वाली, चॉकलेट वाली सारी शॉप्‍स बंद करवा दीजिए। मुझे तो सिर्फ दोसा अच्‍छा लगता है। 

5 comments:

abhi said...

lovely .. kids / babies are the most beautiful creatures that exist on this planet :)

ब्लॉग बुलेटिन said...

सलिल वर्मा जी के अनूठे अंदाज़ मे आज आप सब के लिए पेश है ब्लॉग बुलेटिन की ७०० वीं बुलेटिन ... तो पढ़िये और आनंद लीजिये |
ब्लॉग बुलेटिन के इस खास संस्करण के अंतर्गत आज की बुलेटिन 700 वीं ब्लॉग-बुलेटिन और रियलिटी शो का जादू मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

PD said...

तो अब तक कितने दूकान बंद करवाए हैं? :-)
बैंगलोर लेकर आ जाईयें, एकदम मस्त वाला डोसा अपने हाथो से जादू जी को खिलाता हूँ..

Archana said...

तो मालपूए के साथ डोसे का ओर्डर देना है ... :-)

VINAY KUMAR said...

http://chitthanyejamaneka.blogspot.in/2014/02/blog-post_4.html

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