जादू को सूखा ज़ुकाम हो गया है।
आक्छीं।
आक्छीं।
आक्.....छीं।
नन्हे जादू का अपना t w i t t e r.
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आज जादू ने टी.वी. पर बाबा रामदेव
को देखकर ओम सीखा।
ओम के बजाए म्म्म्म्म्म्म करते हैं जनाब।
सीधे फेहरिस्त पर आते हैं।
1. आज सुबह जादू ने मम्मा की गर्मागर्म चाय की प्याली में
कटा हुआ apple डाल दिया।
2. बालकनी पर रखी अपनी तिपहिया सायकिल से
खूब सारी बातें कीं।
3. शाम को जब पापा घर पर आए-- तो कहा पापा--'टी.वी.'
यानी टी.वी. चलाईये। जादू ने आज पहली बार टी.वी. शब्द बोला।
आज रात आठ बजे जादू बाबा खिलौने वाले
अपनी बैठक पर विराजमान हुए।
भक्तों को आर्शीवाद दिया।
अमृतवचन सुनाए।
उसके बाद सोने जा ही रहे थे कि जादू बाबा के
आज जादू ने छोले-भटूरे खाए।
दरअसल सविता मौसी आज
छोले-भटूरे बनाकर लाईं थीं।
जादू जी के मज़े हो गए।
छब्बीस जनवरी को पापा को याद आए वो मोतीचूर के लड्डू
जो स्कूल में बंटते थे।
गए लेकर आए।
और जादू ने किया पूरे डिब्बे पर क़ब्ज़ा।
जादू ने मम्मा से कहा--'मम्मा निहाने'
यानी मम्मा नहाने चलो।
और मम्मा जब जादू को नहलाने लगीं तो
चुपके से जादू ने मम्मा के ऊपर पूरा एक मग पानी
डाल दिया।
अब मम्मा छनछना रही हैं--कित्ता बदमाश है जादू।
अपने छोटे साइज़ के जूते-चप्पल पहन-पहन कर
बोर हो गया था।
इसलिए मौक़ा पाकर पापा की चप्पल पहन ली है।
आज जादू सुबह चार बजे रोता हुआ उठा।
मम्मा ने चुप कराया।
नहीं हुआ।
दूध दिया पीने के लिए।
पी लिया।
पर चुप नहीं हुआ।
पापा ने चुप करवाया।
चुप हो गया।
कैसे?
अपनी फेवरेट 'पूसी-कैट' को देखकर।