जादू सोने गया है।
अचानक बोल रहा है--बाडिश आ रही है।
जवाब हैं—हां।
जादू बारिश से--'बाडिश नईं आओ। चुप। बाडिश तलो निन्नी करो। 'बाडिशे शो जाना घप्पे (घर पे)
बाय शी-यू।
नन्हे जादू का अपना t w i t t e r.
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जादू सोने गया है।
अचानक बोल रहा है--बाडिश आ रही है।
जवाब हैं—हां।
जादू बारिश से--'बाडिश नईं आओ। चुप। बाडिश तलो निन्नी करो। 'बाडिशे शो जाना घप्पे (घर पे)
बाय शी-यू।
गाड़ी में जाते हुए---'पापा पीछे से गाड़ी आ रही है'।
मम्मा से---'जादू को डिड्डी नईं चैये'।
ट्रैफिक-सिग्नल पर--'सिग्नल सिग्नल'।
लैंडलाइन फोन उठाकर---'डॉक्टर अंकल सुई लगायेंगे क्या'।
खिड़की पर खड़े होकर---'हाय बारिश'
टैडी बेयर से---- 'तलो हटो, भाग जाओ। नईं आना जादू के पास'
मम्मा से (जादू की नकल करने पर) --'नईं बोलिए ऐसे'।
सीबीबी एनीमेशन चैनल देखते हुए---ऐ बर्ड पेड़ पर मत चढ़ो। रूक जाओ।
किसी का भी फ़ोन आए, तो पापा से--'कौन था, क्या बोला'।
दिन में बीस बार---'जादू को हाथ धोने हैं, बेसिन से' (मतलब गीला होना है)
इसके बाद--'ती-थर्ट गीला हो गया'।
टेडी-बेयर से--'तलो घूमकर आते हैं'।
..............अगले अंक में जारी
मैं जादू बोल रहा हूं।
आप टॉफी देते हैं।'
इन दिनों जादू डॉक्टर अंकल से बहुत मिला है
इसलिए फोन उठाकर उनसे बातें करने की
एक्टिंग करता है।
डॉक्टर अंकल (डॉक्टर देवांग शाह) जादू को लास्ट
में 'हाजमोला कैंडी' देते हैं।
जादू को बाक़ी चीज़ों से नहीं अपनी 'टॉफी' से मतलब है।
इसलिए वो हर फोन से डॉक्टर अंकल को फोन लगाता है।
एक हफ्ते से जादू जी की तबियत ख़राब थी।
सर्दी-खांसी-बुख़ार।
संडे खांसी तो अचानक इतनी बढ़ गयी कि
मम्मा-पापा पैनिक हो गए।
पर अब जादू बहुत बेहतर है।
अभी-अभी उसके रास्ते में एक चींटी आ गई।
और जादू ने उससे क्या कहा, सुनिए।
'जाओ जाओ, चलो हटो। अपने रास्ते पर जाओ, चींटी बाहर जाओ।'
चींटी बेचारी क्या करती। गई।
शाम के पांच बज चुके हैं। जादू टॉम एंड जैरी देख रहे हैं।
और जैरी को ब्रश करते देखकर उनका मन भी ब्रश करने
को करने लगा है। पापा से कह रहे हैं ब्रश करना है।
आखिरकार ब्रश पर पेस्ट लगाकर देना पड़ा।
उसके बाद चेयर सरका कर बेसिन की तरफ चल पड़े।
पूछा कहां चले। बोले--'जादू कुल्ला करने जा रहा है'।
जादू कभी-कभी सुबह बहुत ख़राब मूड में उठता है।
ज़्यादातर हंसता हुआ।
आज सुबह जब जादू उठा तो उसने देखा कि
उसकी 'डॉल' (गुलिया) उसके उठने का इंतज़ार कर रही है।
जैसे ही जादू जागा, गुलिया ने कहा कि
उसे वैसे ही 'टक-बक-टक-बक' करना है....जैसे जादू पापा
की पीठ पर करता है।
फिर क्या था--जादू फंस गए।
सुबह-सुबह जादू बन गए घोड़ा और
गुलिया बन गयी सवार।
और फिर बहुत देर तक 'तब्बत तब्बत' हुआ।
मम्मा-पापा को बड़ा मज़ा आया।
जादू ने पोहा खाया
खाया कम पर बहुत गिराया
फिर पूरे घर में फैलाया
और मम्मा ने झाडू उठाया।
जादू ने फिर बैट उठाया।
झाडू और बैट से पोहा बटोरा जा रहा है।
पिज थन्ना है।
चाय तत्ता है।
पानी थन्ना है
दाल-आबल तत्ता है।
------------------
फ्रिज ठंडा है।
चाय गर्म है
पानी ठंडा है
दाल-चावल गर्म है।
------------------ तक्कर नईं है
शक्कर नहीं है
-------------------
ऐवीकॉकल। हेलीकॉप्टर
पेन। प्लेन।
टेन। ट्रेन।
बश। ब्रश
पिच्च। फिश
बद। बर्ड
तर्ड। कर्ड- दही
तीकंद। श्रीखंड।
बनाना। बनानानानानानानानानानानानानानानानानानानानाना।
apple—एप्पल
बिंडी- भिंडी।
बिंडी- बिन्दी। (इसे अंदाज़े से समझना पड़ता है)
ककिया- तकिया।
ककई—ककड़ी
अक्कल- अंकल
दबंग--सलमान ख़ान।
तम्मन-चम्मच
तॉली—थाली
तॉली-कटोरी।
..........................................................................अगले भाग में जारी।।