डॉक्टर मामा ने जादू के लिए डीवीडी भेजी है।
आजकल जादू रोज़ सुबह 'लकड़ी की काठी' और
'आलू कचालू' सुनता और देखता है।
और देख-देखके एक्टिंग भी करता है।
और दिन भर दीवीदी की डिमान्ड भी करता है।
नन्हे जादू का अपना t w i t t e r.
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कल जादू मम्मा-पापा के साथ 'सावरकर पार्क' की सैर पर गया था।
वहां आजकल एक छोटा-सा एक्वेरियम खुल गया है।
जादू को 'फिश़' देखकर बड़ा अच्छा लगा।
वैसे जादू को फिश इतनी पसंद है कि पापा ने
अपने स्क्रीन सेवर पर भी 'पिच्च'लगा रखी है।
और पास की एक 'शॉप' पर बिना 'एक्वेरियम' देखे
आगे नहीं बढ़ता।
जादू को 'पिच्च' बहुत पसंद है।
मम्मा बाहर गयी हैं।
जादू पापा के साथ है।
नीचे खेलकर आया है। और पापा से जादू ने कहा--
पापा पानीयम्।
पापा ने पानी पिलाया।
फिर बोला--पापा, दाल-डावल-चीच
अभी-अभी जादू ने दाल-चावल और cheese
खाया है।
अच्छा बच्चा जादू।
मंडे को गुड़ी पाड़वा के दिन जादू मम्मा-पापा के ऑफिस गया था।
तबिता (सविता मौसी) भी वहीं थीं।
जादू ने तबिता को खूब दौड़ाया।
वहां कमला आन्टी ने सिखाया बेटा ये मौसी हैं।
जादू बोला--नईं हैं। तबिता हैं।
जादू ने ऑपिच में खूब मस्ती की।
सबको दौड़ाया।
लौटने को तैयार नहीं था।
आखिरकार ज़बर्दस्ती लाना पड़ा।
रास्ते में 'काऊ' देखकर जादू हंसने भी लगा।
जब मम्मा के मोबाइल्स पर कॉल आए
तो पापा नहीं उठा सकते।
यहां तक कि हैंडसेट मम्मा को उठाकर दे भी नहीं सकते।
इसी तरह जब पापा के मोबाइल पर कॉल आए तो
मम्मा का हाथ लगाना मना है।
अगर हिमाक़त की तो जादू हंगामा कर देता है।
आज जादू ने मम्मा को इतना सताया कि
उनकी आंखें भर आईं।
परेशान मम्मा बोली--
जादू और कितना परेशान करोगे।
जादू मासूमियत से दोनों कान पकड़कर बोला--
मम्मा थॉली।
मम्मा का ग़ुस्सा फुर्र हो गया।
जादू को अच्छी तरह पता है कि
कब पापा घुमाने ले जायेंगे
और कब वो जल्दी में हैं।
आज जब पापा नहाकर आए
और तैयार हो रहे थे तो जादू बालकनी पर खड़ा
birds देख रहा था।
पापा को देखकर जादू बोला--पापा टा-टा।
पापा को जादू पर बहुत प्यार आया।