एक दिन जादू ने मम्मा को इतना सताया कि
मम्मा रो पड़ीं।
फिर जादू को बहुत प्यार भी किया।
नन्हे जादू का अपना t w i t t e r.
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एक दिन जादू के विशेष-भक्त, मित्र, गाइड और शरारतों के साथी ऋत्विक भैया
चले आए।
उनका क्या हश्र किया गया। इन तस्वीरों में देखिए।
1. उनके बाल खींचे गए।
2. उनके सिर पर चढ़कर बैठा गया
3. उनके साथ फुटबॉल, क्रिकेट, दौड़ और छिप्पी खेला गया।
अब क्या-क्या बताएं।
जब ऋत्विक भैया चले गए तो जादू बोला--'बैया नईं आं'
आजकल जादू की सविता मौसी से खूब बनती है।
सोमवार को पूरे दिन जादू मौसी के साथ रहे।
ख़ूब मस्ती की।
और तब से आज तक बीच-बीच में ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाते हैं
'तबिता आने' यानी सविता आईये।
अभी 'मौसी' शब्द जादू के शब्द-कोष में नहीं है।
सविता मौसी के साथ जादू की एक पुरानी फोटो।
अभी-अभी किसी का लैंड-लाइन पर फोन आया।
जादू ने फौरन उठा लिया।
पहले कुछ अगड़म-बगड़म बोले--अपनी भाषा में।
और फिर मम्मा को पकड़ा दिया।
आज 'इस्त्री' के लिए कपड़े लेने वाला बंदा आया।
'जादू' ने मम्मा के कपड़े देने से इंकार कर दिये।
शायद उसे लग रहा हो कि मेरी मम्मा के कपड़े
ये बंदा कहां ले जा रहा है।
बड़ी मुश्किल से जादू को समझाया गया कि
कल प्रेस होकर ये कपड़े वापस आ जायेंगे।
जब घर में कोई छोटा बच्चा हो...वो भी जादू जैसा
महा-शरारती/ महा-बदमाश/ महा-सक्रिय
तो दिन में कई बार हैरत का सामना होता है।
आज पापा फ़ोन पर किसी से बात कर रहे थे
TV म्यूट किया था....'दबंग' का गाना आया।
'जादू' की नज़र पड़ी...
फ़ौरन जादू ने डान्स शुरू कर दिया।
दबन...दबन....दबन।
'जादू' को 'दबंग' का Title Song बहुत पसंद है।
टेलीविजन और रेडियो के side-effects.
हर जगह कुछ गाने लगातार बज रहे हैं।
और 'जादू' ने ना जाने कैसे दो गाने सीख लिए हैं।
'दबन दबन दबन'
और
'तील्ला तील्ला तील्ला'
'जादू' इन गानों के इंट्रो म्यूजिक से
ही इन्हें पहचान लेता है।
कुछ चीज़ों पर आपका वश नहीं होता।