जादू की पुड़‍िया में आपका स्‍वागत है। चूंकि यहां जादू के बारे में ख़बरें 'कभी-भी' और 'कितनी भी' आ सकती हैं। और हो सकता है कि आप बार-बार ब्‍लॉग पर ना आ सकें। ऐसे में जादू की ख़बरें हासिल करने के लिए ई-मेल सदस्‍यता की मदद लें। ताकि 'बुलेटिन' मेल-बॉक्‍स पर ही आप तक पहुंच सके।

Wednesday, February 9, 2011

ऋत्विक भैया

एक दिन जादू के विशेष-भक्‍त, मित्र, गाइड और शरारतों के साथी ऋत्विक भैया

चले आए।

उनका क्‍या हश्र किया गया। इन तस्‍वीरों में देखिए।

1. उनके बाल खींचे गए।

2. उनके सिर पर चढ़कर बैठा गया

3. उनके साथ फुटबॉल, क्रिकेट, दौड़ और छिप्‍पी खेला गया।

अब क्‍या-क्‍या बताएं।

जब ऋत्विक भैया चले गए तो जादू बोला--'बैया नईं आं'

यानी भैया नहीं हैं।

IMG_8717 IMG_8715

तबिता

आजकल जादू की सविता मौसी से खूब बनती है।

सोमवार को पूरे दिन जादू मौसी के साथ रहे।

ख़ूब मस्‍ती की।

और तब से आज तक बीच-बीच में ज़ोर-ज़ोर से चिल्‍लाते हैं

'तबिता आने' यानी सविता आईये।

अभी 'मौसी' शब्‍द जादू के शब्‍द-कोष में नहीं है।

IMG_5183

सविता मौसी के साथ जादू की एक पुरानी फोटो।

टेलीफ़ोन

अभी-अभी किसी का लैंड-लाइन पर फोन आया।
जादू ने फौरन उठा लिया।

पहले कुछ अगड़म-बगड़म बोले--अपनी भाषा में।

और फिर मम्‍मा को पकड़ा दिया।

अब जादू मम्‍मा की गोद में बैठकर उनकी बातें सुन रहे हैं।
telephone

Wednesday, February 2, 2011

नहीं दूंगा

आज 'इस्‍त्री' के लिए कपड़े लेने वाला बंदा आया।

'जादू' ने मम्‍मा के कपड़े देने से इंकार कर दिये।

शायद उसे लग रहा हो कि मेरी मम्‍मा के कपड़े

ये बंदा कहां ले जा रहा है।

बड़ी मुश्किल से जादू को समझाया गया कि

कल प्रेस होकर ये कपड़े वापस आ जायेंगे।

दबन

dabangg-movie-wallpaper05
जब घर में कोई छोटा बच्‍चा हो...वो  भी जादू जैसा
महा-शरारती/ महा-बदमाश/ महा-सक्रिय
तो दिन में कई बार हैरत का सामना होता है।

आज पापा फ़ोन पर किसी से बात कर रहे थे
TV म्‍यूट किया था....'दबंग' का गाना आया।
'जादू' की नज़र पड़ी...
फ़ौरन जादू ने डान्‍स शुरू कर दिया।

दबन...दबन....दबन।

'जादू' को 'दबंग' का Title Song बहुत पसंद है।

 

दबन और तिल्‍ला

टेलीविजन और रेडियो के side-effects.
हर जगह कुछ गाने लगातार बज रहे हैं।

और 'जादू'  ने ना जाने कैसे दो गाने सीख लिए हैं।

'दबन दबन दबन'

और

'तील्ला तील्‍ला तील्‍ला'
'जादू' इन गानों के इंट्रो म्‍यूजिक से
ही इन्‍‍हें पहचान लेता है।

कुछ चीज़ों पर आपका वश नहीं होता।

ताबी आ...?

key

आजकल बाहर निकलने से पहले जादू जी
मम्मा-पापा से पूछते हैं--चाभी है।
जादू की भाषा में चाभी को 'ताबी' कहते हैं।


तो घर से निकलते ही जादू जी पूछते हैं--'ताबी आ'

यानी 'चाभी है'।

ये बात जादू ने मम्मा-पापा की बातें सुनकर सीखी है।

दरअसल मम्‍मा-पापा घर से निकलते हुए एक-दूसरे से
पूछते हैं--चाभी ली है ना।

  

ज़ुकाम

जादू को सूखा ज़ुकाम हो गया है।

आक्‍छीं।

आक्‍छीं।

आक्‍.....छीं।

ओम्

आज जादू ने टी.वी. पर बाबा रामदेव
को देखकर ओम सीखा।

ओम के बजाए म्‍म्‍म्‍म्‍म्‍म्‍म करते हैं जनाब।

शरारतों की फ़ेहरिस्‍त

सीधे फेहरिस्‍त पर आते हैं।

1. आज सुबह जादू ने मम्‍मा की गर्मागर्म चाय की प्‍याली में
कटा हुआ apple डाल दिया।

2. बालकनी पर रखी अपनी तिपहिया सायकिल से

खूब सारी बातें कीं।

3. शाम को जब पापा घर पर आए-- तो कहा पापा--'टी.वी.'

यानी टी.वी. चलाईये। जादू ने आज पहली बार टी.वी. शब्‍द बोला।