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Wednesday, May 9, 2012

चंदामामा को फोन लगाईये, जादू बात करेगा

जादू ने पापा के कई नाम रखे हैं।

जब बहुत प्‍यार आता है जादू पापा को 'पापे' कहते हैं।

जब टॉफी चाहिए या बाहर घूमने जाना है या फिर

अपने मन का कोई काम करवाना है
तो जादू आकर कहते हैं --'पापे आप बहुत अच्छे हो'।
आज पापा को बिज़ी देखकर जादू अपना ध्‍यान खींचने के लिए कह रहे हैं--'पापू पापा, आप कैसे हो'। इसी तरह मम्‍मी को पुकारने का नया तरीक़ा है--'मम्‍मा-मम्‍मी'

जादू पापा के पास आकर कह रहे हैं,
पापा मेरे ब्‍लॉग पर ये भी लिख देना। ठीक है पापा।
moon dark glasses

 



बुद्ध पूर्णिमा के दिन पापा-मम्‍मा जादू को 'मून' दिखाने ले गये।

जादूजी ने मून को देखकर गाने गाए--'चंदा मामा दूर के'। 'चंदा है तू'।

'चंदा मामा आरे आवा पारे आवा'। 'चंदा मामा सो गए सूरज चाचू जागे'।

फिर जिद पकड़ ली, मम्‍मा चंदामामा को फोन लगाईये, जादू को बात करनी है।

मम्‍मा परेशान, चंदामामा को कैसे फोन लगायें, कैसे बात करायें।
किसी तरह जादू को मनाया गया।

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Friday, May 4, 2012

बकरी, तुम खाना खाके सो जाना

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आज जादू पापा के साथ गोराई खाड़ी के विलेज-मार्केट में
गया था।
सब्जियां खरीदने।

वहां जादू को एक गोट/बकरी दिखी। देखते ही 
बोला--अरे पापा  देखिए। गोट मतलब बकरी।
उसके आगे वो खाड़ी में समुद्र का पानी देखने भी गया।

वहां बोट भी दिखी।

जादू को सबसे ज्‍यादा मज़ा आया बकरी देखने में।

उसने गोट से बातें भी कीं।

बोला--'तुम कैसी हो गोट....। खाना खाया।'

जादू ने उसे थपकी भी दी।

फिर बोला--'अले ये कुछ बोलती क्‍यों नहीं'।

जाते-जाते उसने गोट से बाय की और कहा--'गोट तुम

खाना खाकर सो जाना'।

Thursday, May 3, 2012

जादू-बुलेटिन--लस्‍सी लस्‍सी।

अभी-अभी पापा मलाईदार लस्‍सी लाये हैं।

और जादू नीचे साइकिल चलाकर लौटा है।

मम्‍मा ने कहा, जब तक हाथ-पैर नहीं धोओगे--
और खाना नहीं खाओगे लस्‍सी नहीं मिलेगी।

(क्‍योंकि लस्सी पीने के बाद जादू खाना नहीं खाते)

पर जादू रटते रहे, मम्‍मा दे दो ना।
पीज़ (प्‍लीज़) दे दो ना।

जब देखा कि दाल नहीं गल रही है, तो ब्रह्मास्‍त्र चलाया।

मम्‍मा जादू भूखा-प्‍यासा नीचे से खेलकर आया है,
पीज़ दे दो ना।
और मम्‍मा ख़ुद को रोक नहीं पाई हैं।

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पापा और बबलू चाचा फ़ोन पर बात कर रहे थे।

पापा ने जादू से बात कराए बिना फ़ोन रख दिया।

जादू ने पापा के पास आकर बोला--

चाचा से ये क्यों नहीं बोला कि जादू उन्‍हें पटक-पटक कर मारेगा।

(ये वाक्‍य जादू और बबलू चाचा की झड़प का 'मोटो' है। )

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एक दिन जादू से पापा ने पूछा, जादू आपको कौन-कौन से गाने

पसंद हैं। तो जादू ने कुछ इस तरह गिनाये।

जादू---'पापा जादू को पसंद है--साडा हक (रॉक-स्‍टार) 

औल...रब राखां (love break-up zindagi)
औल--पिया ले (पिया रे--तेरे नाल लव हो गया)'

पापा--और जादू और कौन सा

जादू--औल........अम्‍म्‍ममम.....'तिकनी तमेली'।

पापा-- और

जादू---तम्‍मक-त‍ल्‍लो

पापा—और

जादू--औल 'शो जा लाजकुमाली'

 

ज़रा देखिए जादू किन गानों से होते हुए सहगल तक पहुंचे हैं।

 

Sunday, April 15, 2012

मेरे स्‍कूल में ऋतिक रोशन आया था।

आजकल जादू की स्‍कूल की summer vacations हो गयी हैं।

जादू आज सुबह जब उठा तो उसने फिर कहा कि एक दिन उसके स्‍कूल में ऋतिक रोशन आया था। थोड़े दिन पहले जब उसने ये बात पहली बार कही थी तो पापा ने टीचर से पूछा था, लगा कहीं सचमुच तो नहीं आ गए। पता चला कि ऐसा कुछ नहीं था, जादू कहानियां बनाने लगा है।

जादू की कहानियां बड़ी मज़ेदार होती हैं। उनमें चिडिया, कौआ, हाथी, हवा, बंदर सब कुछ होते हैं। और वो कभी भी कुछ भी कर सकते हैं।

जादू कल बादाम और किशमिश ख़रीदकर लाया है। और उसने सुबह-सुबह मम्‍मा से कहा, जादू किश‍मिश खायेगा और ताकतवर हो जायेगा। उसके बाद फूंक मारेगा तो बबलू चाचा उड़ जायेंगे। जादू और बबलू चाचा की पुरानी खींचतान है। जादू बबलू चाचा से हमेशा कहता है कि वो उन्‍हें पटक-पटक कर मारेगा। दोनों हमेशा लड़ते रहते हैं। देखिए जादू बक़ौल खुद बबलू चाचा के मोबाइल की 'बैंड' बजा रहा है।

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एक दिन जादू की मम्‍मा रेडियोसखी ममता ने रेडियो पर 'चंदामामा दूर के' बजाया।

बस तभी से जादू को ये लगने लगा है कि मम्‍मा ऑफिस जाती है और रेडियो पर चंदामामा वाला गाना गाती है। तब से जब भी मम्‍मा जादू को घर छोड़कर ऑफिस जाने लगती हैं, तो जादू कहता है--'मम्‍मा चंदामामा वाला गाना जलूल बजाना'।

सुबह से शायद बारात निकल रही है। या कोई शोभायात्रा। पटाख़े फूट रहे हैं। और जादू पापा से पूछ रहा है कि लगता है आज दीवाली है। पटाख़े फूट रहे हैं।

Tuesday, January 17, 2012

धूप जाओ खाना खाकर आओ।

जादू आज सबेरे पापा के साथ दूध लेने गया था।
सर्द सुबह की धूप बिखरी थी।
जादू बोले--'पापा देखिए यहां धूप है, वहां धूप है। पेप्‍सी ग्राउंड में धूप है।

बोलीबोली(बोरीवली) स्‍टेशन पर धूप है।

गाड़ी की विन्‍ड-स्‍क्रीन से छनकर धूप जादू की आंखें चौंधिया रही थी।

जादू जी परेशान हो गए।

बोले 'प्‍यारी धूप दाओ खाना खाकर आओ। सुन नहीं रही हो। समझ गयीं।

अले दाओ ना। मम्‍मा बुला  रही हैं '

फिर बोले--धूप सुन नहीं रही है।

आज जादू जी अपनी चिटपिटी वाली गन लेकर गए थे।

सब्‍ज़ी वाला बोला--अरे भैया तुम तो सबेरे से कट्टा लेकर घूम रहे हो।

फिर जादू कट्टा रखकर मटर छीलते पाए गए।

ये रही तस्‍वीर।

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Wednesday, January 11, 2012

न्‍यूज़ देखने से खांसी आती है पापा

कई दिनों से जादू की करतूतों की ख़बर आप तक नहीं पहुंची।

इसलिए जादू-बुलेटिन--

अभी-अभी पापा ने जादू से कहा कि बेटा तुम 'डोरेमॉन' देखना बंद करो

पापा को न्‍यूज़ देखना है।

जादू ने ज्ञान दिया, नहीं पापा न्‍यूज़ मत देखना, न्‍यूज़ देखने से खांसी आती है।

(दिसंबर महीने में जादू चारों हफ्ते खांसते रहे थे)

फिर पापा ने ज़ोर दिया, प्‍लीज़ बेटा पापा को न्‍यूज़ देखनी है।

जादू ने तुरूप का पत्‍ता चला, नही न्‍यूज़ मत देखना।

न्‍यूज़ देखने से उल्‍टी आती है।




पापा जादू के साथ खेलते-खेलते थक गए और लेट गये।

जादू--क्‍या हुआ पापा, पैल दुख लहा है क्‍या।

पापा-नहीं बेटा

जादू-  दुख तो लहा है।

पापा- नहीं दुख रहा बेटा

जादू- दुख रहा है। जादू ने बोला ना, तो दुख रहा है। जादू दबायेगा।

उसके बाद जादू ने पापा के पैर दबाए।

और बोले--अब ठीक हो जाएगा पापा।




स्‍कूल से लौटते वक्‍त जादू गाड़ी की विन्‍डो पर ही तैनात रहते हैं।

पापा को आज रास्‍ते भर बताया, पापा देखिए क्‍वालिस है।

वो देखो मावूती 800. अरे वो देखिए फीगो

और वो रही मावूती सुज़ूकी वेगन आल।

जादू बहुत सारी गाडियां पहचानते हैं।

एक दिन सिग्‍नल पर कहने लगे, पापा जादू को फ़ीगो पसंद है।

जादू मारूती को मावूती कहते हैं।




जादू पापा-मम्‍मा के साथ रॉक-स्‍टार देखने गए थे।

जब रणबीर की पिटाई होने लगी, तो जादू चिल्‍लाए--'ऐ 'साडा हक' को मत मारो।

रणबीर को जादू 'साडा हक' कहते हैं।

पापा ने एक दिन पूछा--जादू कौन सी पिक्‍चर देखने गया था-

जादू--साडा हक।

पापा-अरे नईं बाबा। वो तो रॉकस्‍टार थी।

जादू- रॉक-थार

पापा- बताओ फिल्‍म में क्‍या होता है।

जादू- डान्सिंग होता है।

पापा--और क्‍या होता है

जादू- वो लोग 'साडा हक' को मारते हैं।

पापा- फिर

जादू- कुन फ़ाया कुन

पापा- फिर

जादू- रंगरेज़ा (कुन फाया कुन क़व्‍वाली का एक शब्‍द)

पापा—फिर

जादू- बस कहानी खत्‍म।

'कहानी ख़त्‍म' जादू का नया 'तकिया-कलाम' है।

पापा ने ज़ोर दिया--बताओ आगे क्या होता है।

जादू--अरे भैया कहानी खत्‍म।

Saturday, December 17, 2011

जादू बुलेटिन

आइंस्‍टीन या न्‍यूटन ?

 

सुबह जादू जिस स्‍टूल पर बैठे थे
उसी को उठाने की कोशिश कर रहे थे।
और बोल रहे थे--बाप रे। बहुत भारी है।

फिलॉसफी

अभी-अभी जादू ने ज्ञान दिया है।

जादू जब बड़ा होगा तब बड़ा होगा।

इसीलिए इतनी शरारत करता है।

 

गाना

जादू गा रहा था--'मेरा प्‍यार शालीमार'

पापा चौंक गये। ये गाना कहां से आया।

खोजबीन करने पर पता चला कि ये किसी नारियल तेल

के विज्ञापन में आता है।

 

मावूती सुजुकी
जादू आजकल गाडियां पहचानते हैं। जैसे ही गाड़ी दिखती है कहते हैं वो देखो रिट्ज़।

एक दिन सिग्‍नल पर बोले, पापा देखो फीगो। जादू को फीगो पसंद है।

टी वी पर विज्ञापन का असर है जादू बोलते हैं मावूती सुजुकी वेगन आर।

इसे क्‍या कहा जाए।

 

अरे भैया
पता नहीं कहां से जादू ने 'अरे भैया' सीख लिया है।

बानगी देखिए--

'अरे भैया जादू को नहीं खाना है'

'अरे भैया सोने दीजिए'

'अरे भैया चलिए ना'

'अरे भैया जल्‍दी'

 

 

रेडियोसखी 

पापा कभी-कभी मम्मा को रेडियोसखी कहते हैं।

एक दिन जादू कहते पाए गए--रेडियोसखी जादू को पानी चाहिए।

दादाजी का हैपी बर्थडे।

कल दादाजी का हैप्‍पी बर्थडे था।

जादू ने दादा को फोन किया। और तरह तरह की कहानियां सुनाईं।

दादा केक तैये। गुलाला-जामुन तईये।

सेलिब्रेशन करना है।

और बोला टी वी नहीं देखना। नईं तो लायन आ जायेगा।
लायन नहीं कोकोदाइल आ जाएगा। और मंकी बोलेगा—भागो।

फिर बिल्‍ली बोलेगी ऐसा नईं करते।

कहानी का कोई ओर-छोर नहीं था।

फिर जादू ने दादाजी को 'कोलावेरी' भी सुनाया।

बड़ा मज़ा आया।

Saturday, November 26, 2011

हैपी बर्थडे, केक मिलेगा?

थोड़े दिन पहले मम्‍मा का हैपी बर्थडे बीता है।

जादू ने मम्‍मा को गिफ्ट भी दिया और हाथ मिलाकर विश भी किया।

जादू के स्‍कूल में अकसर ही किसी ना किसी बच्‍चे का बर्थडे होता है

इसलिए टिफिन में केक दिया जाता है।

जो जादू को घर आकर खाना होता है। कभी कभी स्‍कूल में ही खिला दिया जाता है।

जादू के लिए बर्थडे का मतलब है केक।

मम्‍मा के बर्थडे के एक हफ्ते बाद जादू को अचानक पता नहीं क्‍या याद आया, cake

वो मम्‍मा के पास पहुंचा। उनका हाथ पकड़कर मिला लिया।

और विश किया--मम्‍मा हैपी बर्थडे।

उस दिन जादू ने कम से कम दो दर्जन बार मम्‍मा को विश किया।

बेचारी मम्‍मा को लिखने-पढ़ने के काम में काफी डिस्‍टर्ब हुआ।

जादू केक की जुगाड़ में थे। जो उन्‍हें शाम को खिला दिया गया।

अब आज फिर वही हाल है।

जादू पापा के पास आकर की-बोर्ड से हाथ हटाकर पापा को विश कर रहे हैं।

फुसफुसाकर कहते हैं--पापा का हैपी बर्थडे है ना। 'सेलीबेसन' (celebration) होगा ना।

केक मिलेगा।

पापा ने बताया कि अभी कई दिन बाद है पापा का बर्थडे।

थोड़ी देर बाद जादू अपने टॉय की बैटरी लेकर लौटे हैं।

बैटरी का हैपी बर्थडे है ना। केक मिलेगा।

आज बैटरी, टेडी बेयर, कार, फ्रॉग जाने किस-किसका हैपी बर्थडे हो चुका है।

पर बेचारे जादू को मम्‍मा-पापा केक नहीं दे रहे।

Saturday, November 12, 2011

मम्‍मा का मोबाइल और 'जादू जादू'

सुबह-सुबह विविध-भारती लगा था।
'कोई मिल गया' का गाना बज रहा था--'जादू जादू'
दरअसल ये मम्‍मा के मोबाइल का रिंग-टोन है।
जब भी 'जादू-जादू' बजे तो जादू यही समझता आ रहा है कि
मम्‍मा के लिए किसी का फ़ोन आया है।
जादू ने मम्‍मा का फोन ढूंढा।
नहीं मिला।

फिर बोला--'अले मम्‍मा का मोबाइल ऑफिस में छूट गया है। अब का कलें।
तलो तलो तैयाल हो। मम्‍मा का मोबाइल लेने ऑफिस दाना है।'



जादू की जादुई-बुद्धि ने कहानी ये बनाई कि चूंकि
मम्‍मा का मोबाइल दफ्तर में छूट गया है। और बज रहा है इसलिए
रेडियो पर 'जादू-जादू' की आवाज़ आ रही है।

जबकि मम्‍मा का मोबाइल मम्‍मा के पर्स में था।
तो सुनिए वही गाना।