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Saturday, July 6, 2013

क्‍या एरोप्‍लेन में वाइपर होता है।

जादू स्‍कूल से आया, मम्‍मा ने प्‍यार किया, गले लगाया, बोली, कितना 'मिस' करती है मम्मा जादू को।
जादू ने मम्‍मा से पूछा, मम्‍मा मैं स्‍कूल चला गया था, तो आप मुझे याद कर रही थीं।
मम्‍मा ने कहा, हां बेटा, जब भी नज़र के सामने नहीं होता बच्‍चा, तो मम्‍मा याद ही करती रहती है।
जादू-- मम्मा पर मैंने तो आपको याद नहीं किया। मैं तो स्‍कूल में 'बिज़ी' रहता हूं ना, मुझे पढ़ाई भी तो करनी रहती है। क्‍या करूं।
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इसी तरह एक दिन जब मम्मा मॉर्निंग शिफ्ट के बाद घर आयी तो जादू बोला, मम्‍मा मैं आपको सपने में देख रहा था, सुबह आप नहीं मिलीं तो मैंने आपको बहुत 'मिस' किया।
मुझे आपकी ना.....याद आ रही थी। मैंने पापा से आपके बारे में पूछा।

मम्‍मा ने कहा, बेटा मुझे भी आपकी याद आ रही थी, इसलिए कई बार आपको फोन किया।

जादू--'लेकिन मम्‍मा, आप ना मुझे सपने में मत देखना। नहीं तो आपका काम गड़बड़ हो जायेगा। प्रोग्राम करती हो ना?

थोड़ी देर बाद....

जादू---'मम्‍मा एरोप्‍लेन में वाइपर होता है, कितनी तेज़ बारिश हो रही है। बारिश में पायलेट अंकल एरोप्‍लेन कैसे चलायेंगे। एरोप्‍लेन भीग जायेगा तो उड़ेगा कैसे।'

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मम्‍मा एक रिसॉर्ट खरीद लो

मम्‍मा जादू को नहला रही थीं। नहाने के बाद जादू ने कहा, मम्‍मा बारिश हो रही है। कितना अच्‍छा लग रहा है। माउंटेन्‍स पर कब चलोगी।
मम्‍मा ने कहा, अभी तो गये थे।
जादू--तो फिर चलो ना मम्‍मा। मम्‍मा माउंटेन में जाना ही जाना है।

मम्‍मा-नहीं, खाने-पीने में तुम इतने नखरे करते हो, पानी पीने के लिए भी मनुहार करवाते हो, दूध तो पीते ही नहीं हो, माउंटेन्‍स में जाकर आप तो एंजॉय करते हो, पर मम्‍मा का सा‍रा दिन आपकी सेवा में बीतता है।

जादू- पर मम्‍मा ऐसा करो माउंटेन्‍स पर चलो और एक रेसॉर्ट ख़रीद लो

मम्‍मा- रिसॉर्ट ख़रीदने की हैसियत कहां है।
जादू-क्‍यों
मम्‍मा- उसके लिए बहुत सारे पैसे चाहिए होते हैं
जादू- मम्‍माssss...............आलमारी से पैसे निकाल लीजिए और रेसॉर्ट ख़रीद लीजिए। रिसॉर्ट में मज़ा आयेगा ना।

मम्‍मा- आलमारी में इतने पैसे नहीं हैं बेटा
जादू- मेरे पिगी-बैंक में रखा है ना। वो देखो इतने सारे कॉइन रखे हैं और कांच के गिलास में भी रखे हैं। निकाल लो और रिसॉर्ट ख़रीद लो। मज़ा आयेगा

मम्‍मा- नहीं बेटा, ये मुमकिन नहीं है, बड़े होगे तो समझोगे।


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तस्वीर--मालशेज के रिसॉर्ट में धुंध के बीच जादू।

Friday, June 7, 2013

आंख बंद करके मैं दिख रहा हूं या ग़ायब हो गया

1. जादू को पापा ने bay blades जाकर दिये हैं।

जिन्‍हें जादू दिन भर घुमाता रहता है। अभी अभी जादू पापा के पास आकर बोला, पापा ये मिक्‍सी टॉय है। मिक्‍सी की तरह घूमता है।

2. जादू और मम्‍मा का संवाद
जादू--जब मैं काकी के यहां जाता हूं तो सपने में आप दिखती हैं मुझे। पर आप आज नज़र नहीं आयीं।
मम्‍मा- कैसे आती। आज तो तुम काकी के यहां गये ही नहीं।
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3. आज जादू का स्‍पोर्ट्स डे है। सुबह सुबह बारिश हो गयी। विन्‍डो से झांककर जादू ने देखा और पूछा--मम्‍मा बारिश हो रही है।

मम्मा-- हां बेटा

जादू-- रेनकोट पहनाओगी या अंब्रेला होगी

मम्‍मा- रेनकोट

जादू- मम्‍मा सब क्‍लीन हो गया।
मम्‍मा- क्‍या क्‍लीन हो गया

जादू- बारिश से विन्‍डो-बिन्‍डो, ट्री-व्री, फ्लावर-व्‍लावर, बिल्डिंग विल्डिंग। सब मम्‍मा

मम्‍मा- हां
जादू- ट्री धुलकर ग्रीन हो गया मम्‍मा। हुर्रे तब तो मेरी स्‍कूल बस भी बहुत क्‍लीन हो जायेगी। मम्‍मा- हां बेटा पूरी धरती धुल गयी बारिश से।
 
स्‍पोर्ट्स की यूनीफॉर्म में जादू
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Saturday, November 3, 2012

जादू-उवाच

लहसुन खाना चाहिए....लहसुन खाने से पॉटी आती है

मोबाइल-अंकल--और सर ये रहा आपका सिम

जादू- नहीं सिम नहीं बोलते
अंकल- तो क्‍या बोलते हैं
जादू- सिम बोलते हैं सिम।

(मोबाइल अंकल कुछ नहीं समझ पाये, सिर्फ थैंक्‍यू बोले)
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मुझे पापा के ऑफिस जाना है, वहां आमिर अंकल होते हैं।

अख़बार में विज्ञापन देखकर--देखो पापा सैम-सम गैलेक्‍सी

वहां नहीं जाना--वहां कॉच-कॉच (कॉकरोच) है।

देखो मुझे खुंसी (फुंसी) हो गयी है


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पापा- (बरफी फिल्‍म देखने के बाद) जादू बेटा बरफी क्‍या करता है
जादू--बरफी सायकिल चलाता है

Sunday, May 13, 2012

आमिर अंकल मतलब 'सतमेव गयते'

रोज़ाना एक ख़ास समय पर सबेरे एक एरोप्‍लेन गुज़ारता है।

और जादू जी खिड़की पर जाकर उससे बातें करते हैं।

आज जब गुज़रा तो जादू ने पापा से पूछा--'पापा कितने बजे की फ्लाइट है'।
पापा अचकचा गये, बोले--बेटा डेढ़ बजे की।

जादू--'तो फिर पापा मैं सायकिल चलाने जाऊं'।

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संडे सबेरे-से जादू ब्रेड खाने के चक्‍कर में था।

पापा से बोला, वाह पापा ब्रेड...क्‍या बात है।

फिर जादू ने पापा के लिए कहानी बनाई, पता है पापा, 
मैंने फिश से पूछा, फलेरो (जादू की पसंदीदा एक जूसी चॉकलेट)
खाओगी। तो फिश बोली, नईं मैं तो ब्रेड खाती हूं।
फलेरो तुम खाओ।

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कल पापा के साथ जादू कहीं जा रहा था।

तभी सिग्‍नल पर एक एंबूलेन्‍स गुज़री।

सायरन बज रहा था।

जादू ने पापा से पूछा--पापा इस गाड़ी में आवाज़

क्‍यों हो रही है। क्‍या किसी ने इस गाड़ी को हाथ

लगाया है। दरअसल हमारी गाड़ी में 'ऑटो-कॉप' लगा है

इसलिए अगर कोई गाड़ी को ज़रा-सा भी छुए तो गाड़ी

सायरन बजाती है। अकसर जादू को सबसे पहले सुनाई

देता है कि नीचे किसी ने गाड़ी के साथ छेड़छाड़ की है।

और जादू को बहुत गुस्‍सा आता है।

एंबूलेन्‍स के सायरन को सुनकर जादू ने सोचा कि

इस गाड़ी को भी किसी ने हाथ लगाया है, इसलिए इसमें

इतनी ज़ोर से सायरन बज रहा है।

फिर मम्‍मा ने जादू को एंबूलेन्‍स और सायरन के बारे में बताया।

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पिछले कुछ दिनों से लगातार रेडियो पर 'दिल पे लगी और बात बनी'
का प्रोमो बज रहा है। घर पर रेडियो बजता रहता है।

कल जादू खेलते-खेलते बोला---दिल पे लगी....और बात बन गई।

मम्‍मा जादू की ये बात सुनकर दंग रह गयीं।

पापा घर पर नही थे, जब होते हैं तो कभी-कभी जादू के साथ छिपा-छिपी

खेलते हैं। जादू मम्‍मा से बोला, 'मम्‍मा जादू को छिपा लो, पापा आयेंगे

तो ढूंढ नहीं पायेंगे'। मम्‍मा बोली, नहीं बेटा पापा देर से आयेंगे। वो

आमिर ख़ान अंकल को रिकॉर्ड करने गये हैं। जानते हो आमिर अंकल को'

जादू बोला--''हां जानता हूं ना। आमिर अंकल मतलब 'सतमेव गयते'।''
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मम्‍मा-पापा घर में ही कहीं थे।

जादू की ज़ोर से आवाज़ सुनाई दी, मम्‍मा-पापा बचाओ।

दोनों भागकर आए।

देखा, जादू का हाथ या पैर कहीं फंस तो नहीं गया।

कहीं गिर तो नहीं गया।

पहुंचे तो देखा कि पता नहीं कहां से एक जाले का
टुकड़ा आकर गिरा है। और जादू उस से डर रहा है।

'मम्‍मा ये देखो जाला, गंदू हताओ इसे'

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Wednesday, May 9, 2012

चंदामामा को फोन लगाईये, जादू बात करेगा

जादू ने पापा के कई नाम रखे हैं।

जब बहुत प्‍यार आता है जादू पापा को 'पापे' कहते हैं।

जब टॉफी चाहिए या बाहर घूमने जाना है या फिर

अपने मन का कोई काम करवाना है
तो जादू आकर कहते हैं --'पापे आप बहुत अच्छे हो'।
आज पापा को बिज़ी देखकर जादू अपना ध्‍यान खींचने के लिए कह रहे हैं--'पापू पापा, आप कैसे हो'। इसी तरह मम्‍मी को पुकारने का नया तरीक़ा है--'मम्‍मा-मम्‍मी'

जादू पापा के पास आकर कह रहे हैं,
पापा मेरे ब्‍लॉग पर ये भी लिख देना। ठीक है पापा।
moon dark glasses

 



बुद्ध पूर्णिमा के दिन पापा-मम्‍मा जादू को 'मून' दिखाने ले गये।

जादूजी ने मून को देखकर गाने गाए--'चंदा मामा दूर के'। 'चंदा है तू'।

'चंदा मामा आरे आवा पारे आवा'। 'चंदा मामा सो गए सूरज चाचू जागे'।

फिर जिद पकड़ ली, मम्‍मा चंदामामा को फोन लगाईये, जादू को बात करनी है।

मम्‍मा परेशान, चंदामामा को कैसे फोन लगायें, कैसे बात करायें।
किसी तरह जादू को मनाया गया।

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Friday, May 4, 2012

बकरी, तुम खाना खाके सो जाना

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आज जादू पापा के साथ गोराई खाड़ी के विलेज-मार्केट में
गया था।
सब्जियां खरीदने।

वहां जादू को एक गोट/बकरी दिखी। देखते ही 
बोला--अरे पापा  देखिए। गोट मतलब बकरी।
उसके आगे वो खाड़ी में समुद्र का पानी देखने भी गया।

वहां बोट भी दिखी।

जादू को सबसे ज्‍यादा मज़ा आया बकरी देखने में।

उसने गोट से बातें भी कीं।

बोला--'तुम कैसी हो गोट....। खाना खाया।'

जादू ने उसे थपकी भी दी।

फिर बोला--'अले ये कुछ बोलती क्‍यों नहीं'।

जाते-जाते उसने गोट से बाय की और कहा--'गोट तुम

खाना खाकर सो जाना'।

Thursday, May 3, 2012

जादू-बुलेटिन--लस्‍सी लस्‍सी।

अभी-अभी पापा मलाईदार लस्‍सी लाये हैं।

और जादू नीचे साइकिल चलाकर लौटा है।

मम्‍मा ने कहा, जब तक हाथ-पैर नहीं धोओगे--
और खाना नहीं खाओगे लस्‍सी नहीं मिलेगी।

(क्‍योंकि लस्सी पीने के बाद जादू खाना नहीं खाते)

पर जादू रटते रहे, मम्‍मा दे दो ना।
पीज़ (प्‍लीज़) दे दो ना।

जब देखा कि दाल नहीं गल रही है, तो ब्रह्मास्‍त्र चलाया।

मम्‍मा जादू भूखा-प्‍यासा नीचे से खेलकर आया है,
पीज़ दे दो ना।
और मम्‍मा ख़ुद को रोक नहीं पाई हैं।

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पापा और बबलू चाचा फ़ोन पर बात कर रहे थे।

पापा ने जादू से बात कराए बिना फ़ोन रख दिया।

जादू ने पापा के पास आकर बोला--

चाचा से ये क्यों नहीं बोला कि जादू उन्‍हें पटक-पटक कर मारेगा।

(ये वाक्‍य जादू और बबलू चाचा की झड़प का 'मोटो' है। )

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एक दिन जादू से पापा ने पूछा, जादू आपको कौन-कौन से गाने

पसंद हैं। तो जादू ने कुछ इस तरह गिनाये।

जादू---'पापा जादू को पसंद है--साडा हक (रॉक-स्‍टार) 

औल...रब राखां (love break-up zindagi)
औल--पिया ले (पिया रे--तेरे नाल लव हो गया)'

पापा--और जादू और कौन सा

जादू--औल........अम्‍म्‍ममम.....'तिकनी तमेली'।

पापा-- और

जादू---तम्‍मक-त‍ल्‍लो

पापा—और

जादू--औल 'शो जा लाजकुमाली'

 

ज़रा देखिए जादू किन गानों से होते हुए सहगल तक पहुंचे हैं।

 

Sunday, April 15, 2012

मेरे स्‍कूल में ऋतिक रोशन आया था।

आजकल जादू की स्‍कूल की summer vacations हो गयी हैं।

जादू आज सुबह जब उठा तो उसने फिर कहा कि एक दिन उसके स्‍कूल में ऋतिक रोशन आया था। थोड़े दिन पहले जब उसने ये बात पहली बार कही थी तो पापा ने टीचर से पूछा था, लगा कहीं सचमुच तो नहीं आ गए। पता चला कि ऐसा कुछ नहीं था, जादू कहानियां बनाने लगा है।

जादू की कहानियां बड़ी मज़ेदार होती हैं। उनमें चिडिया, कौआ, हाथी, हवा, बंदर सब कुछ होते हैं। और वो कभी भी कुछ भी कर सकते हैं।

जादू कल बादाम और किशमिश ख़रीदकर लाया है। और उसने सुबह-सुबह मम्‍मा से कहा, जादू किश‍मिश खायेगा और ताकतवर हो जायेगा। उसके बाद फूंक मारेगा तो बबलू चाचा उड़ जायेंगे। जादू और बबलू चाचा की पुरानी खींचतान है। जादू बबलू चाचा से हमेशा कहता है कि वो उन्‍हें पटक-पटक कर मारेगा। दोनों हमेशा लड़ते रहते हैं। देखिए जादू बक़ौल खुद बबलू चाचा के मोबाइल की 'बैंड' बजा रहा है।

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एक दिन जादू की मम्‍मा रेडियोसखी ममता ने रेडियो पर 'चंदामामा दूर के' बजाया।

बस तभी से जादू को ये लगने लगा है कि मम्‍मा ऑफिस जाती है और रेडियो पर चंदामामा वाला गाना गाती है। तब से जब भी मम्‍मा जादू को घर छोड़कर ऑफिस जाने लगती हैं, तो जादू कहता है--'मम्‍मा चंदामामा वाला गाना जलूल बजाना'।

सुबह से शायद बारात निकल रही है। या कोई शोभायात्रा। पटाख़े फूट रहे हैं। और जादू पापा से पूछ रहा है कि लगता है आज दीवाली है। पटाख़े फूट रहे हैं।

Tuesday, January 17, 2012

धूप जाओ खाना खाकर आओ।

जादू आज सबेरे पापा के साथ दूध लेने गया था।
सर्द सुबह की धूप बिखरी थी।
जादू बोले--'पापा देखिए यहां धूप है, वहां धूप है। पेप्‍सी ग्राउंड में धूप है।

बोलीबोली(बोरीवली) स्‍टेशन पर धूप है।

गाड़ी की विन्‍ड-स्‍क्रीन से छनकर धूप जादू की आंखें चौंधिया रही थी।

जादू जी परेशान हो गए।

बोले 'प्‍यारी धूप दाओ खाना खाकर आओ। सुन नहीं रही हो। समझ गयीं।

अले दाओ ना। मम्‍मा बुला  रही हैं '

फिर बोले--धूप सुन नहीं रही है।

आज जादू जी अपनी चिटपिटी वाली गन लेकर गए थे।

सब्‍ज़ी वाला बोला--अरे भैया तुम तो सबेरे से कट्टा लेकर घूम रहे हो।

फिर जादू कट्टा रखकर मटर छीलते पाए गए।

ये रही तस्‍वीर।

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