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Friday, June 5, 2015

आज मम्मा उदास थी

मेरी मम्मा भी बड़ी अजीब है .......गाना बज रहा था _चल री सजनी अब क्या सोचे कजरा न बह जाये रोते रोते ...गाना सुनते हुए अचानक रोने लगीं  ...मैं चिंतित हो गया क्या करूं .....मैं उनके पास गया उनक आंसू पोंछे और उन्हें चुप कराया जैसे वे मुझे कराती हैं ..पूछने पर पता चला उन्हें अपने बाबा यानि मेरे नाना की याद आ गई  ...ये उनके पापा का फेवरेट सांग था । 

समझ नहीं पा रहा कि उनके होठों पे मुस्कान के मोती कैसे बिखेरूं .....

Wednesday, May 6, 2015

सेल्‍फ़ी खींचने का शौक़।

जादू के समर वेकेशन का मतलब है घर पर धमाचौकड़ी।
अकसर ही मम्‍मा-पापा का सेलफोन अपनी जगह से ग़ायब पाया जाता है।
फिर उसी जगह पर दोबारा मिल भी जाता है।
तफ्तीश करने पर पता चला कि चूंकि जादू को मोबाइल पर गेम नहीं मिलते- इसलिए
वो बीच बीच में मम्‍मा-पापा का फोन बरामद करके सेल्‍फ़ी़ज़ खींचते हैं।
हाल ही में पापा को अपने मोबाइल पर ये सेल्‍फीज़ मिलीं।
जो जादू की शरारत का सुबूत हैं।

जा़हिर है कि इतने तरह के मुंह जादू बना सकते हैं।
आप कितनी तरह के मुंह बना सकते हैं बताइये बनाकर ज़रा।


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और ये वो सेल्‍फ़ी- जो पापा ने जादू के साथ एक मॉल में मस्‍ती करते हुए खींची थी।
यानी बेटा तो बेटा--बाप रे बाप।

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Tuesday, May 5, 2015

ये घड़ी क्‍यों बनी है पापा।

आजकल जादू के vacations चल रहे हैं।
जादू सुबह उठकर आलस करता रहता है। देर से उठना। देर से ब्रश करना।
देर से नहाना। आज सुबह पापा जादू के पीछे पड़ गये। उसे बाथरूम में घुसा दिया।

जादू बाहर निकला और पापा से पूछा-- पापा ये घड़ी क्‍यों बनी है। क्‍या इसलिए कि लोग टाइम देख सकें।

पापा की समझ में आ गया कि जादू के मन में क्‍या चल रहा है।
जादू सोच रहा है कि अगर वॉच ना होती तो लोग टाइम ना देख पाते।
और जादू को भी सुबह सुबह बाथरूम में नहीं घुसना पड़ता।
जादू की मौज हो जाती।

Sunday, May 18, 2014

मम्‍मा ज़रा रूह-रफ्ज़ा बनाना—जादू डायरी

जादू की इन दिनों की बातों का पिटारा।
इन दिनों शादियां बहुत हो रही हैं। चारों तरफ़ से लाउड-स्‍पीकर का शोर। बैंड की आवाज़ें।
ऐसी ही एक शाम जादू आजिज़ आकर बोले---'अरे ओ शादी वालों। बस करो। पागल कर दोगे क्‍या'।

इतनी गरमी और उमस है कि जादू पानी पी पीकर तंग आ गए।
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पापा के पास आकर बोले--पापा देखिए, पानी पी पी कर मेरा पेट वॉटरमेलन बन गया है।

जादू का नया फंडा- पता है पापा, वॉटरमेलन और मस्क-मेलन दोनों एकदम पक्‍के फ्रैंड हैं।

पापा और जादू बाहर गये, और मम्‍मा  को सरप्राइज़ करने के लिए आइसक्रीम लाए।  
और फ्रीज़र में छिपा दी।
अब जादू को बेसब्री होने लगी। मम्‍मा को पता नहीं है। और पापा बताने नहीं दे रहे।
आखिरकार जादू से रहा नहीं गया, जाकर मम्‍मा से कहे-- 'मम्‍मा पता है, हम आपके लिए एक सरप्राइज़ लाए हैं। वो देखो, फ्रीज़र में रखा है'।

रूह-अफ्ज़ा जादू को बहुत पसंद है।
लेकिन रूह अफ्ज़ा को जादू रूह-रफ्ज़ा बोलते हैं। मम्‍मा ज़रा रूह-रफ्ज़ा बना दोगी।


एक दिन जादू को मम्‍मा-पापा के साथ नेशनल पार्क जाना था।
मम्‍मा ने पहले ही बता दिया था कि वहां मंकी नज़र आयेंगे। बनाना लेकर चलते हैं।
जादू ने जाने कहां से खोजकर एक कील भी रख ली।

मम्‍मा से बोले--मम्‍मा मैं इस कील से बंदरों को डराकर भगा दूंगा। कचूमर बना दूंगा उनका।

एक दिन जादू experience वर्ड भूल गये। मम्‍मा से कहते हैं--मम्‍मा मेरा एक्‍सपोरेन्‍ट ये है कि पेप्‍सी ग्राउंड में बहुत भीड़ होती है इस वक्‍त।

एक दिन सुबह-सुबह जादू ने कहा--मुझे एक ऐसा सपना आया था जिसमें क्रिश-3 और पापा थे। पापा ने क्रिश 3 को हरा दिया था।



Thursday, January 9, 2014

पापा क्‍या मून सब लोगों के साथ साथ चलता है।

कल रात जादू पापा के साथ कहीं जा रहे थे। आसमान में चांद दिखा। जादू बोले--पापा पापा देखिए moon. moon …फिर बहुत देर तक जादू मून को देखते रहे। गाड़ी आगे बढ़ती रही। जादू बोले--पापा क्‍या ये मून सब लोगों के साथ-साथ चलता है। पापा ने बताया-- हां बेटा। अच्‍छा तो इसका मतलब जब हम घर पहुंच जायेंगे तो मैं मून को देखूंगा और हैरान रह जाऊंगा कि ये तो वही रास्‍ते वाला मून है।
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जादू ने आज दोपहर पापा से कहा, पापा आप आमिर अंकल को हमारी बिल्डिंग में बुलवाईये ना। पापा ने पूछा पर क्‍यों बेटा। जादू बोले-- पापा मैं आमिर अंकल से कहूंगा कि जैसे वो धूम-3 में बिल्डिंग से उतरते हैं--वैसे ही दीवार पर चलकर हमारी बिल्डिंग से भी उतरें।
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पापा ने पूछा, जादू आज स्‍कूल में क्‍या हुआ।
जादू ने बताया-- आज स्‍कूल में मैंने और दर्श ने एक- दूसरे को चार बार सॉरी कहा। मैंने कहा--क्‍यों, कैसे।
जादू बोले--पहली बार दर्श ने मेरी गर्दन पर चिकोटी काटी। मैंने उससे कट्टी कर ली। तो दर्श ने सॉरी कहा।
पापा-- फिर क्‍या हुआ।
जादू- फिर क्‍या फ्रैंडशिप। और क्‍या।
पापा- फिर अगला सॉरी कब हुआ।
जादू- फिर दर्श ने मुझे तड़ से मारा। मैंने कहा- दर्श सॉरी बोलो।
दर्श ने फौरन सॉरी बोल दिया।
पापा- और थर्ड सॉरी।
जादू--मैंने दर्श को मुंह पर मारा, तो वो रोया। क्‍योंकि वो मेरे साथ चल नहीं रहा था। मेरी बात नहीं मान रहा था।
पापा- फिर
जादू- फिर क्‍या, मैंने सॉरी बोल दिया और फ्रैंडशिप हो गयी।
पापा- और फोर्थ सॉरी...
जादू- फोर्थ सॉरी तो हुआ ही नहीं। सॉरी..मेरा ध्‍यान नहीं था इसलिए चार बार सॉरी कहने का बता दिया।
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बहुत दिनों बाद जादू पापा-मम्‍मा के साथ लोकल-ट्रेन से अंधेरी गये। शाम का वक्‍त था। सब दौड़-दौड़ कर ट्रेन पकड़ रहे थे। जादू हैरान रह गये--बोले..मम्मा वो देखो...लोग पता नहीं क्यों भाग रहे हैं।
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एक दिन पापा और जादू एक कुरियर ऑफिस गये।
पापा को कोई कुरियर करना था।
वहां दस पंद्रह टेबल पर लोग कुरियर का काम कर रहे थे।
जादू बोले--पापा पापा ये कौन-सा स्‍कूल है।
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Monday, December 2, 2013

जादू बुलेटिन: पापा आमिर अंकल की बाइक उड़ सकती है तो आपकी क्‍यों नहीं।

आज जादू पापा के साथ वेजीटेबल लेने गये।

'जादू की पुडिया' पर जादू के पापा आपको बता रहे हैं जादू की ताज़ा बातें। यानी ये है जादू की बातों का ताज़ा बुलेटिन।

जादू जी आजकल टीवी पर धूम-3 का ट्रेलर देखते रहते हैं।
इस ट्रेलर से जादू जी के मन में दो सवाल उठे हैं। एक तो ये कि आमिर अंकल बिल्डिंग की वॉल पर कैसे चल लेते हैं। और दूसरा सवाल ये है--'पापा आमिर अंकल की बाइक तो उड़ सकती है ना। तो फिर आपकी बाइक क्‍यों नहीं उड़ती'। पापा ने किसी तरह दोनों सवालों के जवाब दे ही दिये हैं। और ख़बरदार कर दिया है...वो ऐसी कोई कोशिश कभी ना करें।
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आज जादू और पापा वेजीटेबल लेने गये। जादू ने पापा से कहा...पापा carrot ज़रूर ले लीजिएगा। फिर जादू ने पूछा--'पापा white कलर की भी कैरट होती है।' पापा को समझ नहीं आया कि मामला क्या है। दरअसल जादू जी मूली को सफेद गाजर कह रहे थे।
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एक दिन जादू अपने आप से बातें कर रहे थे और उनका डायलॉग था ये।
'जो खाना चाहिए वो मैं नहीं खाता हूं। जो नहीं खाना चाहिए--वो भी मैं नहीं खाता हूं'। 

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कल जादू पापा के साथ कहीं बाज़ार जा रहा था।
पापा को गाड़ी ड्राइव करते देखकर जादू ने कहा--'पापा जब मैं बड़ा हो जाऊंगा ना तो आपकी कार मैं ले लूंगा। आपकी बाइक भी मैं ले लूंगा। मैं ड्राइव करूंगा। फिर आप अपने लिए रेड, मरून, ब्‍लू, ब्‍लैक... जो मरज़ी आये गाड़ी ले लेना। ये ठीक रहेगा ना पापा।

......... पापा मुस्‍कुरा दिये।

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जादू को इन दिनों ड्राइविंग का शौक़ लगा है। कार से कहीं जाएं या बाइक से-- जादू ध्‍यान से देखता है कि कहां से क्‍या किया जाता है। वो कहता है कि उसकी सायकिल पापा की गाडियों से भी ज्‍यादा फास्‍ट है। आजकल जादू बाक़ायदा अपनी सायकिल को पार्क करते हैं। यानी पहले आगे ले जाकर फिर रिवर्स करते हैं। और फिर पापा से पूछते हैं-- पापा सीधी/ स्‍ट्रेट लगायी ना। देखा मुझे सायकिल पार्क करते आ गयी।
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जादू ने पापा से कुछ गाने डाउनलोड करवाएं हैं।
जादू नये और पुराने दोनों तरह के गाने सुनते हैं। अमूमन दिन में जादू नये गाने सुनते हैं। और रात को सोते वक्‍त पुराने पर बच्‍चों वाले गाने।
जैसे-- 'चलो चलें मां सपनों के गांव में'। 'रेलगाड़ी'। 'लकड़ी की काठी' वग़ैरह। 

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सुबह सुबह दोसा खाते हुए जादू बोले--पापा केक वाली, आइसक्रीम वाली, चॉकलेट वाली सारी शॉप्‍स बंद करवा दीजिए। मुझे तो सिर्फ दोसा अच्‍छा लगता है। 

Tuesday, November 12, 2013

जादू ने बताये....बारिश रोकने के उपाय


25 अक्‍तूबर को भाई सागर नाहर ने बारिश से त्रस्त होकर फेसबुक पर गुहार लगायी--'किसी को बारिश रोककर एकाध दिन के लिए सूरज के दर्शन कराने का मंतर आता है क्‍या'।

लोगों ने तरह तरह के उपाय बताये। शिशिर जी ने बताया--' झाड़ू का मुंह ऊपर की तरफ करके आंगन में हत्‍थे के बल रख दिया जाए।'। या 'तवे को उल्‍टा करके रख दिया जाये बाहर'। पर बात नहीं बनी। हमने सागर भाई से कहा कि जादू जी को उपाय आते हैं। सागर भाई के कहने पर जादू जी से बात की गयी। और ये रहे बारिश रोकने के उनके उपाय--

1. मैं क्‍लाउड्स को फोन करूंगा और उनसे कहूंगा कि जाकर समुद्र में डूब जाओ। पर फिर जादू जी को लगा कि अरे इससे तो 'पोब्‍लम' हो जायेगी। समंदर में शार्क क्‍लाउड्स के अंदर फंस जायेगी तो बेचारी तैर नहीं पायेगी।

2. इसके बाद जादू जी ने कहा, पापा एक और आयडिया। आप ब्रिज के ऊपर जाना। बलून फुलाना। मैं बलून लेकर उड़ जाऊंगा। दूसरे बलून से आप आ जाना। तीसरे से मम्‍मा आ जायेंगी। फिर हम क्लाउड्स पर जायेंगे और उन्‍हें नीचे धकेलेंगे। वो समद्र में डूब जायेंगे और बारिश रूक जायेगी।

3. जादू जी का तीसरा उपाय। मैं क्‍लाउड्स का सारा पानी लेकर तालाब में फेंक दूंगा तो बादल सोचेगा कि शायद तो ये जादू की शरारत है। ये तो मेरे जादू ने ही किया होगा। चलो उसे ढूंढते हैं। उसके घर जाते हैं। टिंग टॉन्‍ग। क्‍लाउड बेल बजायेगा। मैं तो दरवाज़ा बंद करके सो जाऊंगा।
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एक दिन स्‍कूल से वापस आने पर जादू जी ने ये ज्ञान दिया-- पापा, पता है, कोई कोई लोगों का नाम होता है। जैसे आपका नाम है यूनुस ख़ान। रेडियो पर आप ऐसे बोलते हो--मैं हूं आपका दोस्‍त यूनुस खान। ... हा हा हा। पर पापा कोई कोई लोगों को नहीं होता। जैसे स्‍कूल बस के कंडक्टर अंकल और दीदी का नाम नहीं है।

हमने पूछा, अच्‍छा तो उनका क्‍या नाम है। जादू खीझ गये। अरे बताया ना कि उनका नाम नहीं है। पापा, पता है नाम कहां होता है। गले के खूब अंदर एक वॉल होती है। वहां लिखा होता है सबका अपना अपना  नाम।
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एक दिन जादू बिल्डिंग में नीचे खेल रहे थे। अचानक किसी साथी से रूठ गये। वो उसे मनाने गया तो माने नहीं। फिर पापा गये तो मान गये। ओर बोले... पता है पापा....

जब आप मुझे मना रहे थे और मैं रूठ गया था ना तो मेरे अंदर हंसी भर गयी थी पर मैं नहीं हंसा। मैंने हंसी रोक ली।

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Thursday, October 17, 2013

मम्‍मा, आप भी वेजीटेबल खाओगी तो पापा की तरह टॉल हो जाओगी।

मम्‍मा जादू से रोज़ कहती हैं कि जादू आप वेजीटेबल नहीं खाते हो। आपका टिफिन बिना खाए वापस आता है। परांठा तो खा लेते हो। वेजीटेबल छोड़ देते हो। ये ठीक नहीं है। वेजीटेबल से विटामिन्‍स मिलते हैं। आप ताक़तवर बनोगे। जादू रोज़ कुछ ना कुछ बहाने बना रहा था सब्‍ज़ी नहीं खाने के। सब्‍ज़ी अच्‍छी नहीं लगती। तीखी लगती है। कभी वो कहता उसमें धागा होता है। जादू सब्जि़यों के रेशों और बारीक लंबे कटे प्‍याज़ को धागा बोलता है।

मम्‍मा ने फिर एक दिन डांटते हुए कहा, बेटा सब्‍ज़ी खाना ज़रूरी है।
जादू ने बहाना बनाना शुरू किया।
''मम्‍मा, आप रोज़ रोज़ सब्‍ज़ी परांठा ही क्‍यों देती हो टिफिन में।''
मम्‍मा- अच्‍छा मतलब... क्‍या देना चाहिए।

जादू-- अरे रोज़ अलग अलग कुछ दीजिए ना। जैसे कभी केक है। कभी क्रीम बिस्किट है। कभी चॉकलेट्स हैं। कभी स्‍वीट्स। कभी फ्राइड राइस दो और कभी डोसा चटनी दो ना मम्‍मा।

मम्‍मा ने उसकी डिमान्‍ड पर टिफिन का मेनु बदल दिया।

एक दिन वेजीटेबल पुलाव भेजा गया। जादू ने उसमें से सब्जि़यां चुन-चुन के निकाल दीं और चावल खत्‍म करके आ गया। स्‍कूल से लौटने पर मम्‍मा ने देखा--खाली सब्जियों के टुकड़े बचे हैं।

अगले दिन फिर सब्‍ज़ी परांठा दिया गया। जादू ने फिर सब्‍ज़ी नहीं खायी।
मम्‍मा ने फिर पूछा, तो जादू ने कहा--'बोला ना आपको, आप कभी खीर दो। कभी डोसा चटनी दो।

आज मम्‍मा ने डोसा-चटनी बनाकर दिया। खीर भी बनायी जादू के लिए।
जादू ने डोसा तो खाया। पर अभी भी जादू सब्जियां नहीं खाता।
मम्‍मा कहती हैं-- कोई बताये जादू की इस बहानेबाज़ी का क्‍या किया जाए।

अकसर जादू ये कहते हैं--मम्‍मा सब्जियां आप खा लिया करो। मिल्‍क पिया करो। क्‍योंकि देखो पापा कितने टॉल हैं और आप कितनी छोटी-सी हो मम्‍मा। आप भी खाओगी पियोगी ना, तो पापा की तरह बिग हो जाओगी।

Tuesday, October 15, 2013

मम्‍मा सांता अंकल से कहो क्रिसमस जल्‍दी कर दें।

जादू को मम्‍मा-पापा ने बता रखा है कि good behaviour करो तो सांताक्‍लॉज़ गिफ्ट देते हैं। टॉयज़ देते हैं। और गेम्‍स भी। और चॉकलेट्स भी। हर बार क्रिसमस पर सांता जादू के सिरहाने गिफ्ट्स के पैकेट रख जाते हैं। सुबह जब जादू की नींद खुलती है तो वो इन पैकेट्स को खोलता है।

क्रिसमस के अलावा भी जब सांता खुश होते हैं तो जादू के सिरहाने साल में कभी भी गिफ्ट रख सकते हैं। जादू को सांता का इंतज़ार रहता है।

आज सुबह जब जादू जी उठे तो उन्‍होंने मम्‍मा से कहा, मम्‍मा क्रिसमस कब है।
मम्‍मा ने कहा, बेटा क्रिसमस टू मंथ्‍स बाद आयेगा।
जादू बोले, तो मम्‍मा सांता मोनजिनीस (केक शॉप) पर आयेंगे, लास्‍ट ईयर की तरह।
मम्‍मा-- हां बेटा।

जादू-- तो गिफ्ट भी देंगे क्‍या वैसे ही
मम्‍मा- हां

थोड़ी देर बाद

जादू-- मम्‍मा सांता से एक बात कहनी है।
मम्‍मा- क्‍या बेटा

जादू-- यही कि इस बार क्रिसमस जल्‍दी ला दें। मुझसे वेट नहीं होता।

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एक दिन जादू सुबह सुबह उठे तो बोले, पापा ऐसा नहीं हो सकता कि सुबह जल्‍दी हो जाए। पापा ने पूछा, क्‍यों क्‍यों।
जादू-- इसलिए क्‍योंकि मुझे सोना अच्‍छा नहीं लगता। जल्‍दी सुबह हो जायेगी तो मैं जल्‍दी उठ जाऊंगा और अपने टॉयज़ से खेलूंगा।
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आज सुबह जादू ने पापा से कहा, पापा आप एक सायकिल ख़रीद लीजिए।
पापा-- क्‍यों बेटा
जादू- इसलिए क्‍योंकि मेरे पास सायकिल है और आपके पास नहीं है।
पापा मुस्कुरा दिये।
जादू -- लेकिन पापा आप बिग सायकिल ख़रीदना। क्‍योंकि आपके पैर बिग बिग हैं ना इसलिए।
और मम्‍मा के लिए भी एक सायकिल ख़रीद दीजिए। हम सब सायकिल से चलेंगे।

ज़रा सोचिए पेट्रोल-संकट और महंगाई के युग में जादू ने कितनी भली सलाह दी है।

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Saturday, July 6, 2013

क्‍या एरोप्‍लेन में वाइपर होता है।

जादू स्‍कूल से आया, मम्‍मा ने प्‍यार किया, गले लगाया, बोली, कितना 'मिस' करती है मम्मा जादू को।
जादू ने मम्‍मा से पूछा, मम्‍मा मैं स्‍कूल चला गया था, तो आप मुझे याद कर रही थीं।
मम्‍मा ने कहा, हां बेटा, जब भी नज़र के सामने नहीं होता बच्‍चा, तो मम्‍मा याद ही करती रहती है।
जादू-- मम्मा पर मैंने तो आपको याद नहीं किया। मैं तो स्‍कूल में 'बिज़ी' रहता हूं ना, मुझे पढ़ाई भी तो करनी रहती है। क्‍या करूं।
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इसी तरह एक दिन जब मम्मा मॉर्निंग शिफ्ट के बाद घर आयी तो जादू बोला, मम्‍मा मैं आपको सपने में देख रहा था, सुबह आप नहीं मिलीं तो मैंने आपको बहुत 'मिस' किया।
मुझे आपकी ना.....याद आ रही थी। मैंने पापा से आपके बारे में पूछा।

मम्‍मा ने कहा, बेटा मुझे भी आपकी याद आ रही थी, इसलिए कई बार आपको फोन किया।

जादू--'लेकिन मम्‍मा, आप ना मुझे सपने में मत देखना। नहीं तो आपका काम गड़बड़ हो जायेगा। प्रोग्राम करती हो ना?

थोड़ी देर बाद....

जादू---'मम्‍मा एरोप्‍लेन में वाइपर होता है, कितनी तेज़ बारिश हो रही है। बारिश में पायलेट अंकल एरोप्‍लेन कैसे चलायेंगे। एरोप्‍लेन भीग जायेगा तो उड़ेगा कैसे।'

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मम्‍मा एक रिसॉर्ट खरीद लो

मम्‍मा जादू को नहला रही थीं। नहाने के बाद जादू ने कहा, मम्‍मा बारिश हो रही है। कितना अच्‍छा लग रहा है। माउंटेन्‍स पर कब चलोगी।
मम्‍मा ने कहा, अभी तो गये थे।
जादू--तो फिर चलो ना मम्‍मा। मम्‍मा माउंटेन में जाना ही जाना है।

मम्‍मा-नहीं, खाने-पीने में तुम इतने नखरे करते हो, पानी पीने के लिए भी मनुहार करवाते हो, दूध तो पीते ही नहीं हो, माउंटेन्‍स में जाकर आप तो एंजॉय करते हो, पर मम्‍मा का सा‍रा दिन आपकी सेवा में बीतता है।

जादू- पर मम्‍मा ऐसा करो माउंटेन्‍स पर चलो और एक रेसॉर्ट ख़रीद लो

मम्‍मा- रिसॉर्ट ख़रीदने की हैसियत कहां है।
जादू-क्‍यों
मम्‍मा- उसके लिए बहुत सारे पैसे चाहिए होते हैं
जादू- मम्‍माssss...............आलमारी से पैसे निकाल लीजिए और रेसॉर्ट ख़रीद लीजिए। रिसॉर्ट में मज़ा आयेगा ना।

मम्‍मा- आलमारी में इतने पैसे नहीं हैं बेटा
जादू- मेरे पिगी-बैंक में रखा है ना। वो देखो इतने सारे कॉइन रखे हैं और कांच के गिलास में भी रखे हैं। निकाल लो और रिसॉर्ट ख़रीद लो। मज़ा आयेगा

मम्‍मा- नहीं बेटा, ये मुमकिन नहीं है, बड़े होगे तो समझोगे।


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तस्वीर--मालशेज के रिसॉर्ट में धुंध के बीच जादू।

Friday, June 7, 2013

आंख बंद करके मैं दिख रहा हूं या ग़ायब हो गया

1. जादू को पापा ने bay blades जाकर दिये हैं।

जिन्‍हें जादू दिन भर घुमाता रहता है। अभी अभी जादू पापा के पास आकर बोला, पापा ये मिक्‍सी टॉय है। मिक्‍सी की तरह घूमता है।

2. जादू और मम्‍मा का संवाद
जादू--जब मैं काकी के यहां जाता हूं तो सपने में आप दिखती हैं मुझे। पर आप आज नज़र नहीं आयीं।
मम्‍मा- कैसे आती। आज तो तुम काकी के यहां गये ही नहीं।
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3. आज जादू का स्‍पोर्ट्स डे है। सुबह सुबह बारिश हो गयी। विन्‍डो से झांककर जादू ने देखा और पूछा--मम्‍मा बारिश हो रही है।

मम्मा-- हां बेटा

जादू-- रेनकोट पहनाओगी या अंब्रेला होगी

मम्‍मा- रेनकोट

जादू- मम्‍मा सब क्‍लीन हो गया।
मम्‍मा- क्‍या क्‍लीन हो गया

जादू- बारिश से विन्‍डो-बिन्‍डो, ट्री-व्री, फ्लावर-व्‍लावर, बिल्डिंग विल्डिंग। सब मम्‍मा

मम्‍मा- हां
जादू- ट्री धुलकर ग्रीन हो गया मम्‍मा। हुर्रे तब तो मेरी स्‍कूल बस भी बहुत क्‍लीन हो जायेगी। मम्‍मा- हां बेटा पूरी धरती धुल गयी बारिश से।
 
स्‍पोर्ट्स की यूनीफॉर्म में जादू
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Saturday, November 3, 2012

जादू-उवाच

लहसुन खाना चाहिए....लहसुन खाने से पॉटी आती है

मोबाइल-अंकल--और सर ये रहा आपका सिम

जादू- नहीं सिम नहीं बोलते
अंकल- तो क्‍या बोलते हैं
जादू- सिम बोलते हैं सिम।

(मोबाइल अंकल कुछ नहीं समझ पाये, सिर्फ थैंक्‍यू बोले)
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मुझे पापा के ऑफिस जाना है, वहां आमिर अंकल होते हैं।

अख़बार में विज्ञापन देखकर--देखो पापा सैम-सम गैलेक्‍सी

वहां नहीं जाना--वहां कॉच-कॉच (कॉकरोच) है।

देखो मुझे खुंसी (फुंसी) हो गयी है


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पापा- (बरफी फिल्‍म देखने के बाद) जादू बेटा बरफी क्‍या करता है
जादू--बरफी सायकिल चलाता है

Sunday, May 13, 2012

आमिर अंकल मतलब 'सतमेव गयते'

रोज़ाना एक ख़ास समय पर सबेरे एक एरोप्‍लेन गुज़ारता है।

और जादू जी खिड़की पर जाकर उससे बातें करते हैं।

आज जब गुज़रा तो जादू ने पापा से पूछा--'पापा कितने बजे की फ्लाइट है'।
पापा अचकचा गये, बोले--बेटा डेढ़ बजे की।

जादू--'तो फिर पापा मैं सायकिल चलाने जाऊं'।

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संडे सबेरे-से जादू ब्रेड खाने के चक्‍कर में था।

पापा से बोला, वाह पापा ब्रेड...क्‍या बात है।

फिर जादू ने पापा के लिए कहानी बनाई, पता है पापा, 
मैंने फिश से पूछा, फलेरो (जादू की पसंदीदा एक जूसी चॉकलेट)
खाओगी। तो फिश बोली, नईं मैं तो ब्रेड खाती हूं।
फलेरो तुम खाओ।

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कल पापा के साथ जादू कहीं जा रहा था।

तभी सिग्‍नल पर एक एंबूलेन्‍स गुज़री।

सायरन बज रहा था।

जादू ने पापा से पूछा--पापा इस गाड़ी में आवाज़

क्‍यों हो रही है। क्‍या किसी ने इस गाड़ी को हाथ

लगाया है। दरअसल हमारी गाड़ी में 'ऑटो-कॉप' लगा है

इसलिए अगर कोई गाड़ी को ज़रा-सा भी छुए तो गाड़ी

सायरन बजाती है। अकसर जादू को सबसे पहले सुनाई

देता है कि नीचे किसी ने गाड़ी के साथ छेड़छाड़ की है।

और जादू को बहुत गुस्‍सा आता है।

एंबूलेन्‍स के सायरन को सुनकर जादू ने सोचा कि

इस गाड़ी को भी किसी ने हाथ लगाया है, इसलिए इसमें

इतनी ज़ोर से सायरन बज रहा है।

फिर मम्‍मा ने जादू को एंबूलेन्‍स और सायरन के बारे में बताया।

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पिछले कुछ दिनों से लगातार रेडियो पर 'दिल पे लगी और बात बनी'
का प्रोमो बज रहा है। घर पर रेडियो बजता रहता है।

कल जादू खेलते-खेलते बोला---दिल पे लगी....और बात बन गई।

मम्‍मा जादू की ये बात सुनकर दंग रह गयीं।

पापा घर पर नही थे, जब होते हैं तो कभी-कभी जादू के साथ छिपा-छिपी

खेलते हैं। जादू मम्‍मा से बोला, 'मम्‍मा जादू को छिपा लो, पापा आयेंगे

तो ढूंढ नहीं पायेंगे'। मम्‍मा बोली, नहीं बेटा पापा देर से आयेंगे। वो

आमिर ख़ान अंकल को रिकॉर्ड करने गये हैं। जानते हो आमिर अंकल को'

जादू बोला--''हां जानता हूं ना। आमिर अंकल मतलब 'सतमेव गयते'।''
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मम्‍मा-पापा घर में ही कहीं थे।

जादू की ज़ोर से आवाज़ सुनाई दी, मम्‍मा-पापा बचाओ।

दोनों भागकर आए।

देखा, जादू का हाथ या पैर कहीं फंस तो नहीं गया।

कहीं गिर तो नहीं गया।

पहुंचे तो देखा कि पता नहीं कहां से एक जाले का
टुकड़ा आकर गिरा है। और जादू उस से डर रहा है।

'मम्‍मा ये देखो जाला, गंदू हताओ इसे'

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Wednesday, May 9, 2012

चंदामामा को फोन लगाईये, जादू बात करेगा

जादू ने पापा के कई नाम रखे हैं।

जब बहुत प्‍यार आता है जादू पापा को 'पापे' कहते हैं।

जब टॉफी चाहिए या बाहर घूमने जाना है या फिर

अपने मन का कोई काम करवाना है
तो जादू आकर कहते हैं --'पापे आप बहुत अच्छे हो'।
आज पापा को बिज़ी देखकर जादू अपना ध्‍यान खींचने के लिए कह रहे हैं--'पापू पापा, आप कैसे हो'। इसी तरह मम्‍मी को पुकारने का नया तरीक़ा है--'मम्‍मा-मम्‍मी'

जादू पापा के पास आकर कह रहे हैं,
पापा मेरे ब्‍लॉग पर ये भी लिख देना। ठीक है पापा।
moon dark glasses

 



बुद्ध पूर्णिमा के दिन पापा-मम्‍मा जादू को 'मून' दिखाने ले गये।

जादूजी ने मून को देखकर गाने गाए--'चंदा मामा दूर के'। 'चंदा है तू'।

'चंदा मामा आरे आवा पारे आवा'। 'चंदा मामा सो गए सूरज चाचू जागे'।

फिर जिद पकड़ ली, मम्‍मा चंदामामा को फोन लगाईये, जादू को बात करनी है।

मम्‍मा परेशान, चंदामामा को कैसे फोन लगायें, कैसे बात करायें।
किसी तरह जादू को मनाया गया।

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Friday, May 4, 2012

बकरी, तुम खाना खाके सो जाना

goat2

आज जादू पापा के साथ गोराई खाड़ी के विलेज-मार्केट में
गया था।
सब्जियां खरीदने।

वहां जादू को एक गोट/बकरी दिखी। देखते ही 
बोला--अरे पापा  देखिए। गोट मतलब बकरी।
उसके आगे वो खाड़ी में समुद्र का पानी देखने भी गया।

वहां बोट भी दिखी।

जादू को सबसे ज्‍यादा मज़ा आया बकरी देखने में।

उसने गोट से बातें भी कीं।

बोला--'तुम कैसी हो गोट....। खाना खाया।'

जादू ने उसे थपकी भी दी।

फिर बोला--'अले ये कुछ बोलती क्‍यों नहीं'।

जाते-जाते उसने गोट से बाय की और कहा--'गोट तुम

खाना खाकर सो जाना'।

Thursday, May 3, 2012

जादू-बुलेटिन--लस्‍सी लस्‍सी।

अभी-अभी पापा मलाईदार लस्‍सी लाये हैं।

और जादू नीचे साइकिल चलाकर लौटा है।

मम्‍मा ने कहा, जब तक हाथ-पैर नहीं धोओगे--
और खाना नहीं खाओगे लस्‍सी नहीं मिलेगी।

(क्‍योंकि लस्सी पीने के बाद जादू खाना नहीं खाते)

पर जादू रटते रहे, मम्‍मा दे दो ना।
पीज़ (प्‍लीज़) दे दो ना।

जब देखा कि दाल नहीं गल रही है, तो ब्रह्मास्‍त्र चलाया।

मम्‍मा जादू भूखा-प्‍यासा नीचे से खेलकर आया है,
पीज़ दे दो ना।
और मम्‍मा ख़ुद को रोक नहीं पाई हैं।

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पापा और बबलू चाचा फ़ोन पर बात कर रहे थे।

पापा ने जादू से बात कराए बिना फ़ोन रख दिया।

जादू ने पापा के पास आकर बोला--

चाचा से ये क्यों नहीं बोला कि जादू उन्‍हें पटक-पटक कर मारेगा।

(ये वाक्‍य जादू और बबलू चाचा की झड़प का 'मोटो' है। )

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एक दिन जादू से पापा ने पूछा, जादू आपको कौन-कौन से गाने

पसंद हैं। तो जादू ने कुछ इस तरह गिनाये।

जादू---'पापा जादू को पसंद है--साडा हक (रॉक-स्‍टार) 

औल...रब राखां (love break-up zindagi)
औल--पिया ले (पिया रे--तेरे नाल लव हो गया)'

पापा--और जादू और कौन सा

जादू--औल........अम्‍म्‍ममम.....'तिकनी तमेली'।

पापा-- और

जादू---तम्‍मक-त‍ल्‍लो

पापा—और

जादू--औल 'शो जा लाजकुमाली'

 

ज़रा देखिए जादू किन गानों से होते हुए सहगल तक पहुंचे हैं।

 

Sunday, April 15, 2012

मेरे स्‍कूल में ऋतिक रोशन आया था।

आजकल जादू की स्‍कूल की summer vacations हो गयी हैं।

जादू आज सुबह जब उठा तो उसने फिर कहा कि एक दिन उसके स्‍कूल में ऋतिक रोशन आया था। थोड़े दिन पहले जब उसने ये बात पहली बार कही थी तो पापा ने टीचर से पूछा था, लगा कहीं सचमुच तो नहीं आ गए। पता चला कि ऐसा कुछ नहीं था, जादू कहानियां बनाने लगा है।

जादू की कहानियां बड़ी मज़ेदार होती हैं। उनमें चिडिया, कौआ, हाथी, हवा, बंदर सब कुछ होते हैं। और वो कभी भी कुछ भी कर सकते हैं।

जादू कल बादाम और किशमिश ख़रीदकर लाया है। और उसने सुबह-सुबह मम्‍मा से कहा, जादू किश‍मिश खायेगा और ताकतवर हो जायेगा। उसके बाद फूंक मारेगा तो बबलू चाचा उड़ जायेंगे। जादू और बबलू चाचा की पुरानी खींचतान है। जादू बबलू चाचा से हमेशा कहता है कि वो उन्‍हें पटक-पटक कर मारेगा। दोनों हमेशा लड़ते रहते हैं। देखिए जादू बक़ौल खुद बबलू चाचा के मोबाइल की 'बैंड' बजा रहा है।

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एक दिन जादू की मम्‍मा रेडियोसखी ममता ने रेडियो पर 'चंदामामा दूर के' बजाया।

बस तभी से जादू को ये लगने लगा है कि मम्‍मा ऑफिस जाती है और रेडियो पर चंदामामा वाला गाना गाती है। तब से जब भी मम्‍मा जादू को घर छोड़कर ऑफिस जाने लगती हैं, तो जादू कहता है--'मम्‍मा चंदामामा वाला गाना जलूल बजाना'।

सुबह से शायद बारात निकल रही है। या कोई शोभायात्रा। पटाख़े फूट रहे हैं। और जादू पापा से पूछ रहा है कि लगता है आज दीवाली है। पटाख़े फूट रहे हैं।

Tuesday, January 17, 2012

धूप जाओ खाना खाकर आओ।

जादू आज सबेरे पापा के साथ दूध लेने गया था।
सर्द सुबह की धूप बिखरी थी।
जादू बोले--'पापा देखिए यहां धूप है, वहां धूप है। पेप्‍सी ग्राउंड में धूप है।

बोलीबोली(बोरीवली) स्‍टेशन पर धूप है।

गाड़ी की विन्‍ड-स्‍क्रीन से छनकर धूप जादू की आंखें चौंधिया रही थी।

जादू जी परेशान हो गए।

बोले 'प्‍यारी धूप दाओ खाना खाकर आओ। सुन नहीं रही हो। समझ गयीं।

अले दाओ ना। मम्‍मा बुला  रही हैं '

फिर बोले--धूप सुन नहीं रही है।

आज जादू जी अपनी चिटपिटी वाली गन लेकर गए थे।

सब्‍ज़ी वाला बोला--अरे भैया तुम तो सबेरे से कट्टा लेकर घूम रहे हो।

फिर जादू कट्टा रखकर मटर छीलते पाए गए।

ये रही तस्‍वीर।

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Wednesday, January 11, 2012

न्‍यूज़ देखने से खांसी आती है पापा

कई दिनों से जादू की करतूतों की ख़बर आप तक नहीं पहुंची।

इसलिए जादू-बुलेटिन--

अभी-अभी पापा ने जादू से कहा कि बेटा तुम 'डोरेमॉन' देखना बंद करो

पापा को न्‍यूज़ देखना है।

जादू ने ज्ञान दिया, नहीं पापा न्‍यूज़ मत देखना, न्‍यूज़ देखने से खांसी आती है।

(दिसंबर महीने में जादू चारों हफ्ते खांसते रहे थे)

फिर पापा ने ज़ोर दिया, प्‍लीज़ बेटा पापा को न्‍यूज़ देखनी है।

जादू ने तुरूप का पत्‍ता चला, नही न्‍यूज़ मत देखना।

न्‍यूज़ देखने से उल्‍टी आती है।




पापा जादू के साथ खेलते-खेलते थक गए और लेट गये।

जादू--क्‍या हुआ पापा, पैल दुख लहा है क्‍या।

पापा-नहीं बेटा

जादू-  दुख तो लहा है।

पापा- नहीं दुख रहा बेटा

जादू- दुख रहा है। जादू ने बोला ना, तो दुख रहा है। जादू दबायेगा।

उसके बाद जादू ने पापा के पैर दबाए।

और बोले--अब ठीक हो जाएगा पापा।




स्‍कूल से लौटते वक्‍त जादू गाड़ी की विन्‍डो पर ही तैनात रहते हैं।

पापा को आज रास्‍ते भर बताया, पापा देखिए क्‍वालिस है।

वो देखो मावूती 800. अरे वो देखिए फीगो

और वो रही मावूती सुज़ूकी वेगन आल।

जादू बहुत सारी गाडियां पहचानते हैं।

एक दिन सिग्‍नल पर कहने लगे, पापा जादू को फ़ीगो पसंद है।

जादू मारूती को मावूती कहते हैं।




जादू पापा-मम्‍मा के साथ रॉक-स्‍टार देखने गए थे।

जब रणबीर की पिटाई होने लगी, तो जादू चिल्‍लाए--'ऐ 'साडा हक' को मत मारो।

रणबीर को जादू 'साडा हक' कहते हैं।

पापा ने एक दिन पूछा--जादू कौन सी पिक्‍चर देखने गया था-

जादू--साडा हक।

पापा-अरे नईं बाबा। वो तो रॉकस्‍टार थी।

जादू- रॉक-थार

पापा- बताओ फिल्‍म में क्‍या होता है।

जादू- डान्सिंग होता है।

पापा--और क्‍या होता है

जादू- वो लोग 'साडा हक' को मारते हैं।

पापा- फिर

जादू- कुन फ़ाया कुन

पापा- फिर

जादू- रंगरेज़ा (कुन फाया कुन क़व्‍वाली का एक शब्‍द)

पापा—फिर

जादू- बस कहानी खत्‍म।

'कहानी ख़त्‍म' जादू का नया 'तकिया-कलाम' है।

पापा ने ज़ोर दिया--बताओ आगे क्या होता है।

जादू--अरे भैया कहानी खत्‍म।